कुरुक्षेत्र में पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प, सूरजमुखी की खरीद न होने पर लाडवा रोड किया पूरी तरह जाम
May 27, 2026 5:25 PM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा की मशहूर शाहाबाद मारकंडा अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद को लेकर चल रहा गतिरोध बुधवार को सड़क पर आ गया। पिछले कई दिनों से मंडियों के चक्कर काट रहे किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया और वे लाडवा रोड पर जमा हो गए। भाकियू (चढ़ूनी) के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बीच सड़क पर दरी बिछाकर चक्का जाम कर दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन के चलते कुरुक्षेत्र-लाडवा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
घोषणा के बाद भी नहीं खरीदा सूरजमुखी का एक दाना
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की तरफ से बाकायदा घोषणा की गई थी कि 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी। लेकिन धरातल पर हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। शाहाबाद मंडी में फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को कोई पूछने वाला नहीं है। किसानों का आरोप है कि एक तरफ सरकारी एजेंसियां बाजार से नदारद हैं, तो दूसरी तरफ मंडी के कुछ आढ़ती इस मजबूरी का फायदा उठाकर किसानों से अवैध वसूली और मनमानी कटौती कर रहे हैं।
पुलिस ने की हटाने की कोशिश, हिरासत की नौबत
सड़क जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी सिद्धार्थ भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। जब अधिकारियों ने किसानों को समझाने और रास्ता खोलने की अपील की, तो किसान अपनी मांगों पर अड़ गए। इस दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए भाकियू नेता जसबीर सिंह मामूमाजरा को जबरन सड़क से उठाने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई पर बाकी किसान उग्र हो गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई।
'मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे'—राकेश बैंस
भाकियू नेता राकेश बैंस ने बताया कि मंगलवार को भी यूनियन ने मंडी परिसर के भीतर शांतिपूर्ण ढंग से धरना देकर प्रशासन को चेताया था। हमारी मांग बेहद स्पष्ट है—सूरजमुखी की तुरंत सरकारी खरीद शुरू हो और अवैध वसूली करने वाले आढ़तियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। राकेश बैंस ने दोटूक शब्दों में कहा कि चूंकि प्रशासन ने चौबीस घंटे बाद भी कोई सुध नहीं ली, इसलिए आज हमें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आज ही ठोस समाधान नहीं निकला, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी किसान कमिटी के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिशों में जुटे हैं।