लुधियाना में किसान यूनियन ने लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ खेला मोर्चा, लाडोवाल टोल फ्री कराने का ऐलान
Mar 14, 2026 1:06 PM
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में आज यानी शनिवार को किसानों ने अपनी लंबति मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खेल दिया है भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने किसान मजदूर मोर्चा की ओर से आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विरोध किया जा रहा है। किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान आज लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनका पुतला फूंकने की घोषणा भी की गई। किसान नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसानों का नहीं बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों का लक्ष्य टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री करवाना है।
लाडोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का जमावड़ा
सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर जुटने लगे। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने वहां पर प्रदर्शन करते हुए वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए गुजरने देने का फैसला किया।
किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक टोल को फ्री रखने की रणनीति जारी रहेगी। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में पुतला फूंककर सरकार को चेतावनी देने की भी तैयारी की गई।
किसानों ने उठाए स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दे
प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने तीन प्रमुख स्थानीय समस्याओं को आंदोलन की वजह बताया। उनका कहना है कि हल्का साहनेवाल के ससराली गांव में बनाया गया डैम अब तक अधूरा पड़ा है।
किसानों के अनुसार इसका उद्घाटन मंत्री और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने किया था, लेकिन अभी तक इसका टेंडर भी जारी नहीं किया गया है। इसके कारण सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राहों रोड की खराब हालत भी बना मुद्दा
किसानों ने लुधियाना की राहों रोड की खराब हालत को भी बड़ा मुद्दा बताया। यूनियन नेताओं का कहना है कि सड़क की मरम्मत और निर्माण को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए गए और विरोध भी किया गया, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क के बीचों-बीच खड़ी होने वाली गाड़ियों के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम और हादसे होते रहते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पिछली घटना का हवाला देकर दी चेतावनी
किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि पिछली बार जब आंदोलन के दौरान टोल फ्री किया गया था, तब बाद में कई लोगों के मोबाइल पर टोल कटने के मैसेज आए थे।
उनका आरोप है कि उस समय प्रशासन और टोल प्रबंधन ने चालाकी दिखाते हुए बाद में वाहनों से पैसा काट लिया था। इस बार किसानों ने साफ कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, टोल पूरी तरह फ्री रहेगा और बाद में किसी वाहन चालक से पैसा नहीं काटने दिया जाएगा।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने लाडोवाल टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आज भी उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान और आम लोग मिलकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे।