- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 07:54
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में एक दर्दनाक हादसा होने की खबर सामने आई है। सूबे के लुधियाना जिले के कंगनवाल इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में आज यानी गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। काम के दौरान एक वर्कर के मशीन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रंजीत कुमार के रूप में हुई है, जो फैक्ट्री में नाइट ड्यूटी पर तैनात था और सुबह भी अपने कार्य में जुटा हुआ था। यह हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ, जब फैक्ट्री में रोजमर्रा की तरह उत्पादन कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान अचानक रंजीत कुमार का हाथ मशीन में फंस गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। साथी वर्करों ने तुरंत मशीन बंद कर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
हादसे के बाद प्रबंधन के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी
हादसे की खबर फैलते ही फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने घटना के विरोध में फैक्ट्री के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वर्करों और यूनियन नेताओं ने फैक्ट्री का मुख्य गेट बंद कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे वर्करों का आरोप था कि फैक्ट्री प्रबंधन मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह है और सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं किया जा रहा। वर्करों ने बताया कि फैक्ट्री में न तो मशीनों पर सुरक्षा कवच लगे हैं और न ही मजदूरों को सेफ्टी किट या आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी लापरवाही के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। प्रदर्शन में शामिल पूर्वांचल समाज के प्रधान राजपूत ने कहा कि रंजीत कुमार की मौत मशीन में आने से हुई है और इस घटना को लेकर सभी वर्करों में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
आला अधिकारी मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे वर्करों से बातचीत की। पुलिस ने वर्करों को शांत कराने की कोशिश की और मामले की जांच का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और फैक्ट्री प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वर्करों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।