लुधियाना पटाखा फैक्ट्री हादसे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, रिहायशी बिल्डिंग में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
Apr 01, 2026 12:12 PMलुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के जोधां इलाके में 31 मार्च को हुए पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा के अनुसार आरोपी वाजिद और साजिद अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम कर रहे थे और उन्होंने किराए पर बिल्डिंग लेकर वहां फैक्ट्री चला रखी थी। इस हादसे में 18 वर्षीय मोहम्मद कैफ की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची थीं।
अवैध फैक्ट्री चलाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी भाई करीब तीन महीने पहले इस इलाके में आए थे और उन्होंने एक रिहायशी इमारत को किराए पर लेकर वहां पटाखा बनाने का काम शुरू कर दिया था। बिना किसी लाइसेंस के विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे बड़ा हादसा हुआ। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए लोगों की जान जोखिम में डाली।
गरीब परिवार को बहाने से लाए
डीएसपी के अनुसार आरोपी भाइयों ने एक गरीब परिवार को काम दिलाने के बहाने यहां बुलाया था और उन्हें उसी इमारत में रहने के लिए जगह दी गई थी। हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे। विस्फोट के बाद बिल्डिंग का लेंटर गिर गया और लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
ब्लास्ट की वजह पर अलग-अलग दावे
हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार बारूद में आग लगने से विस्फोट हुआ, जबकि मृतक के पिता जमील का कहना है कि आंधी के दौरान आसमानी बिजली गिरने से शॉर्ट सर्किट हुआ और सिलेंडर फट गया। वहीं परिवार के अन्य सदस्य का दावा है कि खाना बनाते समय सिलेंडर में धमाका हुआ, जिससे छत गिर गई। इन बयानों के चलते जांच का दायरा और बढ़ गया है।
सेना और NDRF की टीम पहुंची
विस्फोटक सामग्री होने के कारण घटना के बाद सेना और एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। सेना के अधिकारी पुष्प राज ने बताया कि इमारत में भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ मौजूद था, जिससे खतरा और बढ़ गया था। अंधेरा और बिल्डिंग गिरने के कारण रात में राहत कार्य सीमित रहा और आगे की जांच जारी है।
प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई
फायर अधिकारी रजिंदर के अनुसार रात करीब 8:20 बजे ब्लास्ट की सूचना मिली थी और मौके पर पहुंचने तक स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे थे। तहसीलदार कर्मजीत सिंह ने बताया कि इमारत के अंदर 17 से 18 लोग मौजूद थे और वहां पोटाश जैसी विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। पुलिस का कहना है कि अगर जांच में बिल्डिंग मालिक की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।