Faridkot News: फरीदकोट में 'ऑन्कोलॉजी अपडेट्स 2026' का आयोजन: कैंसर उपचार में इम्यूनोथेरेपी की बढ़ती भूमिका पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
Mar 01, 2026 6:14 PM
फरीदकोट: गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GGSMCH) के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा कैंसर के क्षेत्र में आधुनिक पद्धतियों पर केंद्रित "ऑन्कोलॉजी अपडेट्स 2026: कैंसर के रास्ते और इम्यूनोथेरेपी को समझना" विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन किया गया।
पंजाब मेडिकल काउंसिल (PMC) से 4 CME क्रेडिट घंटे की मान्यता प्राप्त इस कॉन्फ्रेंस में क्षेत्र भर के कैंसर विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के माननीय वाइस चांसलर और प्रतिष्ठित डॉ. बी. सी. राय अवॉर्डी प्रो. (डॉ.) राजीव सूद ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए विशेष अतिथि के रूप में डॉ. राजेश वशिष्ठ और डॉ. एम. के. महाजन भी उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. राजीव सूद ने कैंसर चिकित्सा में मॉलिक्यूलर ऑन्कोलॉजी और प्रिसिजन मेडिसिन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावी डॉक्टरों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवता की सेवा के लिए नैतिक मूल्यों का होना अनिवार्य है।
कॉन्फ्रेंस के वैज्ञानिक सत्रों के दौरान पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. नवनीत सिंह और डॉ. राकेश कपूर सहित जम्मू से आए डॉ. दीपक अबरोल ने अपने विचार साझा किए। इन विशेषज्ञों ने फेफड़ों के कैंसर और अन्य जटिल कैंसर रोगों के उपचार की नई तकनीकों, बायोमार्कर्स और टारगेटेड थेरेपी के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इम्यूनोथेरेपी कैंसर के इलाज में एक नई क्रांति लेकर आई है, जिससे मरीजों के बचने की संभावना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
प्रोग्राम को सफल बनाने में ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. प्रदीप गर्ग और प्रोग्राम को-डायरेक्टर डॉ. रोमिकांत ग्रोवर ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके साथ ही एडमिनिस्ट्रेटिव टीम के सदस्य डॉ. सिमरनदीप सिंह, डॉ. शिप्रा, डॉ. सरबजीत, डॉ. गुरप्रीत और डॉ. गरिमा की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की गई।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की पूरी टीम के सहयोग से यह आयोजन यादगार रहा। कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि निरंतर अनुसंधान और आधुनिक शिक्षा के माध्यम से कैंसर रोगियों को विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं प्रदान की जाती रहेंगी।