अब बुंदेलखंड अंचल से कोई किसान नहीं करेगा पलायन: मुख्यमंत्री यादव
Mar 24, 2026 8:44 PM
दतिया: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड अंचल और आसपास के जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा तथा फिर इस क्षेत्र से कोई किसान पलायन करने को विवश नहीं होगा।
यादव, दतिया जिले में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर जिले में 62.23 करोड़ लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया, जिनमें सांदीपनि विद्यालय, दैवीय स्थल रतनगढ़ में यात्री निवास, स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्य शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में हितग्राहियों को कृषि यंत्र, पशुपालन, खाद्य प्र-संस्करण के लिए हितलाभ भी वितरित किए। यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई का क्षेत्रफल कभी साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। पिछले दो साल में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल लगभग दस लाख हैक्टेयर बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड अंचल और आसपास के जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को नदी जोड़ो परियोजना की महत्वपूर्ण सौगात दी है, जिसका लाभ उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को भी मिलेगा। यादव ने कहा कि अब बुंदेलखंड अंचल से कोई किसान पलायन करने को विवश नहीं होगा।
उन्होंने किसानों से कहा कि फसल काटने के बाद वे खेतों में पराली को न जलाएं क्योंकि इससे भूमि की उर्वरा शक्ति क्षीण होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भूसा निर्माण के लिए हितग्राहियों को ‘हैप्पी सीडर’ मशीनें प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसान भूसा बनाकर पास की गौशालाओं में बेचें। अब किसानों को गेहूं के साथ-साथ भूसे का भी पैसा मिलेगा। लघु कृषकों को समय पर किराये पर कृषि यंत्र मिल जाएं और उनकी खेती अच्छी हो जाए। इसके लिए विधानसभा स्तर पर कृषि यंत्रों की किराये की दुकान खोली जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल के बाद सिंचाई के लिए किसानों को चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध कराएंगे। यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है और प्रदेश में दूध उत्पादन को नौ प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए भावांतर भुगतान योजना से सोयाबीन पर लाभ दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरसों की फसल को भी भावांतर योजना में शामिल किया है। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया है। आने वाले समय में किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे।