पानीपत में लोक अदालत की तारीख तय: 9 मई को निपटेंगे हजारों केस, तारीखों के जाल से मिलेगी मुक्ति
May 08, 2026 5:58 PM
पानीपत। अदालतों के चक्कर और तारीख-पर-तारीख के अंतहीन सिलसिले से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पानीपत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने लंबित मुकदमों के त्वरित निपटान के लिए मई के महीने में विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। वहीं, समाज में बढ़ते चेक बाउंस के विवादों को देखते हुए 30 मई को एक समर्पित 'विशेष लोक अदालत' लगाई जाएगी। इस पहल का सीधा मकसद यह है कि लोग आपसी रजामंदी से विवादों को खत्म करें और अदालती पचड़ों से मुक्ति पाएं।
सीजेएम वर्षा शर्मा की अपील: समझौते का रास्ता अपनाएं
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) वर्षा शर्मा ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि लोक अदालत का असली उद्देश्य केवल मुकदमे खत्म करना नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच भाईचारा बहाल करना है। उन्होंने कहा, "लोक अदालत में लिए गए फैसले की कोई अपील नहीं होती, क्योंकि यह दोनों पक्षों की सहमति से लिया जाता है। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होती है, बल्कि वर्षों से चल रही मानसिक पीड़ा भी समाप्त होती है।" इस दौरान छोटे आपराधिक मामले, दीवानी विवाद और पारिवारिक मसलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का 'समाधान समारोह': 2004 के मामलों पर नजर
पानीपत की अदालतों में कई ऐसे मामले हैं जो साल 2004 और 2007 से लटके हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के 'समाधान समारोह' अभियान के तहत इन दशकों पुराने घावों को भरने की कोशिश की जा रही है। सीजेएम वर्षा शर्मा ने बताया कि कई मामलों में तो मूल वादी या प्रतिवादी की मृत्यु तक हो चुकी है। ऐसे में उनके वारिसों को चिन्हित कर उन्हें मध्यस्थता केंद्र (Mediation Center) बुलाया जा रहा है ताकि समझौते के जरिए कानूनी फाइल को हमेशा के लिए बंद किया जा सके। यह अभियान अगस्त महीने तक अलग-अलग चरणों में जारी रहेगा।
मुफ्त कानूनी सहायता: हर गरीब को मिलेगा वकील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्याय के दरवाजे हर वर्ग के लिए खुले हैं। यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण वकील नहीं कर सकता, तो DLSA उसे निशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी वकील उपलब्ध कराएगा। महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग और पूर्व सैनिकों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपलब्ध है। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति जिला न्यायालय परिसर में स्थित प्राधिकरण के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
चेक बाउंस के लिए विशेष दिन
व्यावसायिक लेनदेन में चेक बाउंस के मामले अदालतों के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। इसे देखते हुए 30 मई को लगने वाली विशेष अदालत में केवल इसी श्रेणी के केस रखे जाएंगे। विशेषज्ञों और प्रशिक्षित मध्यस्थों की देखरेख में लेन-देन के विवादों को सुलझाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के 'स्पेशल सिटिंग' से पेंडेंसी कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।