हरियाणा मौसम अपडेट: आज से बदलेगा मिजाज, इन 10 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
May 02, 2026 9:55 AM
हरियाणा। हरियाणा की आबोहवा में इन दिनों अजीब सी कशमकश है। जहां सुबह की शुरुआत तीखी धूप के साथ हो रही है, वहीं शाम होते-होते ठंडी हवाएं लोगों को सुकून दे रही हैं। लेकिन अब मौसम की यह लुका-छिपी एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे चुका है। इसका सीधा असर हरियाणा के मैदानी इलाकों में आज से नजर आने लगेगा। अगले पांच दिनों यानी 7 मई तक प्रदेश के आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
तापमान का गणित: महेंद्रगढ़ सबसे गर्म, फिर भी पारा सामान्य से नीचे
आंकड़ों की बाजीगरी देखें तो पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसतन तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। फिलहाल राज्य का तापमान सामान्य के मुकाबले 2.8 डिग्री कम बना हुआ है। हालांकि, दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में कल दोपहर की तपन ने लोगों को बेहाल किया, जहां पारा 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानकारों का कहना है कि अगर यह विक्षोभ सक्रिय नहीं होता, तो अब तक लू (Loo) का प्रकोप शुरू हो चुका होता। लेकिन कुदरत के इस बदलाव ने फिलहाल भीषण गर्मी पर लगाम लगा दी है।
इन जिलों में 'यलो अलर्ट': किसानों की बढ़ी धड़कनें
मौसम विभाग ने पंचकूला, यमुनानगर, मेवात और पलवल जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी दी है। वहीं, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और हिसार के बेल्ट में भी धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इस समय मंडियों में फसल का उठान और भंडारण जारी है। अचानक आई बारिश अनाज को नुकसान पहुंचा सकती है।
मई में 'बैक टू बैक' विक्षोभ: क्या जून तक टल जाएगी लू?
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने जो विश्लेषण साझा किया है, वह काफी दिलचस्प है। उनके अनुसार, अकेले मई के महीने में करीब 7 से 8 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं। इनमें से कम से कम 4 विक्षोभ मध्यम श्रेणी के होंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि मई के पहले 15 दिनों में हमें वैसी झुलसाने वाली गर्मी नहीं झेलनी पड़ेगी जैसी आमतौर पर इस महीने में होती है। हालांकि, महीने के दूसरे पखवाड़े (16 मई के बाद) में सूरज अपने तेवर कड़े कर सकता है। फिलहाल, लगातार आ रहे इन मौसमी सिस्टमों की वजह से तापमान नियंत्रण में रहने की पूरी उम्मीद है।