हरियाणा जेल विभाग में बड़ा फेरबदल: 4 डिप्टी सुपरिटेंडेंट बने जेलर, भिवानी और रेवाड़ी में नई तैनाती
Jun 04, 2026 2:28 PM
नारनौल (सोनल यादव ) हरियाणा सरकार ने राज्य की जेलों में खाली पड़े उच्च पदों को भरने और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया। गृह एवं जेल विभाग की ओर से जारी ताजा आदेशों के मुताबिक, लंबे समय से डिप्टी सुपरिटेंडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे चार जांबाज अधिकारियों के कंधों पर अब जेल सुपरिटेंडेंट की बड़ी जिम्मेदारी होगी। चंडीगढ़ मुख्यालय से जारी इन आदेशों को आज (4 जून) रोहतक, नूंह, भिवानी और रेवाड़ी समेत राज्य की सभी संबंधित जेलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए तामील करा दिया गया है।
कोर्ट के फैसलों और क्रीमी लेयर नीति के दायरे में होंगे आदेश
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में साफ किया गया है कि प्रमोट किए गए सभी चार अधिकारी FPL-09 के तहत तय सैलरी ब्लॉक में काम करेंगे। हालांकि, इन अधिकारियों का प्रमोशन फिलहाल एक साल के प्रोबेशन पीरियड पर रहेगा। इसके अलावा, प्रशासनिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि यह पदोन्नति पूरी तरह से स्थाई नहीं है; इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे वरिष्ठता से जुड़े मामलों (SLP) के अंतिम फैसलों का असर पड़ सकता है। साथ ही, राज्य सरकार की क्रीमी लेयर नीति और वरिष्ठता के तय नियमों को भी इस प्रक्रिया का आधार बनाया गया है।
किसे मिली कहां की कमान? देखें पूरी सूची
विभाग द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, तीन अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से नई जगहों पर भेजा गया है, जबकि एक अधिकारी की पदोन्नति अगले महीने की पहली तारीख से लागू मानी जाएगी:
दिनेश कुमार यादव: इन्हें तुरंत प्रभाव से पदोन्नत करते हुए जिला जेल, भिवानी के खाली पड़े महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है।
रेशम सिंह: इन्हें भी फौरी तौर पर प्रमोट कर जिला जेल, रेवाड़ी में बतौर सुपरिटेंडेंट जेल की कमान सौंपी गई है।
सुरेंद्र कुमार: इन्हें फील्ड के बजाय मुख्यालय जेल, पंचकूला में सुपरिटेंडेंट के पद पर तैनात किया गया है, जहां वे प्रशासनिक कार्यों को गति देंगे।
राय साहब: इन्हें भी सुपरिटेंडेंट जेल के पद पर पदोन्नत तो कर दिया गया है, लेकिन तकनीकी कारणों से इनकी यह पदोन्नति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
'तुरंत संभालें कुर्सी'—मुख्यालय का सख्त निर्देश
आदेश की कॉपियां हाथ में आते ही जेल महानिदेशालय ने सभी प्रमोटेड अधिकारियों को दोटूक निर्देश दिए हैं कि वे बिना कोई समय गंवाए अपने नए तैनाती स्थलों पर पहुंचकर कार्यभार संभालें। अधिकारियों को संबंधित क्वार्टर या विभाग में अपनी ज्वॉइनिंग रिपोर्ट सबमिट कर तुरंत इसकी एक प्रति चंडीगढ़ मुख्यालय भेजने को कहा गया है। माना जा रहा है कि इस नई तैनाती से सूबे की संवेदनशील जेलों की आंतरिक सुरक्षा और कैदियों के प्रबंधन में काफी सुधार देखने को मिलेगा।