नारनौंद की छात्रा की मौत: छेड़छाड़ से परेशान होकर लगाया था फंदा, अग्रोहा में तोड़ा दम
Mar 29, 2026 12:39 PM
नारनौंद। हरियाणा के नारनौंद में खाकी और कानून के इकबाल को चुनौती देने वाले मनचलों की करतूत ने एक और हंसती-खेलती जिंदगी को खामोश कर दिया। छेड़छाड़ और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर 23 मार्च को मौत को गले लगाने की कोशिश करने वाली 16 साल की मासूम छात्रा ने शनिवार देर शाम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली। छह दिनों तक वेंटिलेटर पर मौत को मात देने की कोशिश कर रही इस बेटी की विदाई ने पूरे इलाके में मातम और आक्रोश पैदा कर दिया है।
दोस्ती का दबाव और धमकियां: जब 'घर' भी नहीं रहा सुरक्षित
परिजनों के मुताबिक, दसवीं की छात्रा पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। दो युवक उसे स्कूल आते-जाते समय रास्ते में रोकते थे और जबरन दोस्ती करने का दबाव बनाते थे। जब छात्रा ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देना शुरू कर दिया। डरी-सहमी छात्रा ने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई थी। परिवार ने सामाजिक मर्यादा के चलते पहले आरोपियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने सुधारने के बजाय और ज्यादा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
भाई के साथ मारपीट और फिर आत्मघाती कदम
22 मार्च को जब छात्रा के बड़े भाई ने आरोपियों से इस बाबत बात करनी चाही, तो आरोपियों ने उसके साथ भी हाथापाई और बदतमीजी की। घर के सदस्यों के साथ हुई इस बदसलूकी और अपनी वजह से परिवार को मिल रही धमकियों से छात्रा इतनी टूट गई कि अगले ही दिन 23 मार्च को उसने घर के भीतर फंदा लगा लिया। उसे गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर अग्रोहा रेफर किया गया था, लेकिन सिर में ऑक्सीजन की कमी और गंभीर चोटों के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
पुलिसिया कार्रवाई: दो आरोपी सलाखों के पीछे
नारनौंद पुलिस ने इस मामले में परिजनों के बयानों के आधार पर चार नामजद सहित अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को दो मुख्य आरोपियों, साहिल और रॉबिन को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायाधीश ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा। हालांकि, गांव वालों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि अगर पुलिस समय रहते इन मजनूओं पर नकेल कसती, तो शायद एक होनहार छात्रा आज हमारे बीच होती।