चंडीगढ़: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के बाहर अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रशासन पहले से सतर्क था और जैसे ही प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ सीमा के पास पहुंचे, चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। हालात काबू में करने के लिए पानी की बौछारों का सहारा भी लेना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की संख्या बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन उनके चंडीगढ़ की ओर बढ़ने की सूचना पहले ही पुलिस तक पहुंच चुकी थी। रास्ते में मोहाली में मौजूद पुलिस टीमों ने समझाने की कोशिश की, मगर शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ते रहे और आखिरकार सीमा तक पहुंच गए।


बॉर्डर पर तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटने को कहा, पर प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद वाटर कैनन चलाए गए। धक्का-मुक्की के बीच कुछ लोग बैरिकेड पर चढ़ गए। इस अफरा-तफरी में कई महिला शिक्षकों के चोटिल होने की भी खबर है। पानी की बौछारों के बाद मोहाली पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभालने के लिए चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारी बैरिकेड पार कर दूसरी ओर गए और महिला शिक्षकों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में बिना अनुमति प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं है, और नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हो रही, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

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