CWG Haryana Medals: ग्लास्गो में हरियाणा के मुक्केबाजों का डंका, भारत को दिलाए 7 गोल्ड समेत 11 मेडल
ग्लास्गो में हरियाणा के मुक्केबाजों का डंका, भारत को दिलाए 7 गोल्ड समेत 11 मेडल
CWG Haryana Medals: ग्लास्गो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों में एक बार फिर हरियाणा की मिट्टी का लोहा पूरी दुनिया ने माना है। भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार खेल भावना का परिचय दिया और कुल 11 मेडल अपने नाम किए। इनमें 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
सबसे ज्यादा दबदबा रिंग के अंदर मुक्केबाजों (बॉक्सरों) का देखने को मिला, जिन्होंने अकेले दम पर 6 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया। वहीं ट्रैक एंड फील्ड और एथलेटिक्स स्पर्धाओं में भी राज्य के एथलीटों ने परचम लहराया। पैरा शॉटपुट में शर्मिला धनखड़ ने देश की झोली में गोल्ड डाला। भाला फेंक (जैवलिन) के स्टार स्टार नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल हासिल किया, तो वहीं डिस्कस थ्रो में सीमा कालीरमन और जैवलिन में यशवीर सिंह ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
हिसार से भिवानी तक ढोल-नगाड़े, लाड़लियों और बेटों पर गर्व
खिलाड़ियों के पदक पक्के होते ही हरियाणा के देहात में जश्न का माहौल बन गया। भिवानी के धनाना गांव में प्रिया घनघस और साक्षी चौधरी का फाइनल मुकाबला देखने के लिए ग्रामीणों ने चौपाल पर बड़ी स्क्रीन लगाई थी। जीत का ऐलान होते ही पूरा गांव आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों की थाप से गूंज उठा।
हिसार के भेरिया गांव में बॉक्सर अंकुश पंघाल की जीत के बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मिठाइयां बांटीं। गोल्ड जीतने के बाद मुस्कुराते हुए प्रिया घनघस ने कहा, “कॉमनवेल्थ की तैयारी के दौरान वजन मेंटेन करने के लिए मैंने मिठाई खाना पूरी तरह छोड़ दिया था। अब चूंकि घेवर का सीजन है, तो गांव लौटकर जमकर मिठाइयां खाऊंगी।”
रिंग के शूरवीर: जानिए किसने कैसे जमाया सोने पर कब्जा
अंकुश पंघाल (80 kg): हिसार के भेरिया निवासी अंकुश ने फाइनल में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को कड़े मुकाबले में मात देकर गोल्ड जीता। 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू करने वाले अंकुश को उनके पिता रोज 15 किमी दूर ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे।
सचिन सिवाच (60 kg): आखिरी दौर के रोमांचक क्षणों में नामीबिया के बॉक्सर को अपनी मारक पंच से धराशायी करते हुए सचिन ने 3-2 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
साक्षी चौधरी: अपनी शानदार रणनीति और जवाबी हमलों के दम पर साक्षी ने 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की। उनके पिता मनोज कुमार ने भरोसा जताया कि साक्षी एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी तिरंगा फहराएगी।
प्रिया घनघस (60 kg): आक्रामक खेल के दम पर प्रिया ने 4-1 (स्प्लिट डिसीजन) से मुकाबला जीता। मां मीरा ने कहा कि बेटी के गांव लौटने पर उसका ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा।
प्रीति पंवार (54 kg): कनाडा की एस.एस. डेलगाडो को 5-0 से धोकर प्रीति ने गोल्ड जीता। प्रीति की मां शलीन ने कहा कि बेटी के घर आने पर उसे देसी घी का चूरमा और खीर खिलाई जाएगी।
जैस्मिन लंबोरिया: फाइनल में वाल्स को 5-0 से हराकर जैस्मिन ने भारत की झोली में एक और गोल्ड डाल दिया।
नरेंद्र बेरवाल (+90 kg): हांसी के मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल को फाइनल में इंग्लैंड के डामर थॉमस से कड़ा मुकाबला मिला, जिसमें हार के बाद उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
