Manesar Corporation: मानेसर में 'मेयर पति' की चेकिंग पर बवाल, कूड़ा उठाने वाली कंपनी ने ठप किया काम
May 21, 2026 3:53 PM
गुरुग्राम। गुरुग्राम से सटे औद्योगिक शहर मानेसर के नगर निगम दफ्तर और ग्राउंड जीरो पर बुधवार को उस वक्त भारी ड्रामा देखने को मिला, जब मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव के पति वाहनों और कूड़ा उठाने वाली एजेंसी के काम की समीक्षा करने पहुंच गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों का आरोप है कि मेयर पति ने तय नियमों को ताक पर रखकर न सिर्फ वाहनों की जबरन चेकिंग की, बल्कि उनके साथ आए समर्थकों ने सफाई कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित और डराया-धमकाया। विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल को शांत करने के लिए आनन-फानन में पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। इस अप्रत्याशित हस्तक्षेप से आहत होकर निजी कचरा प्रबंधन एजेंसी ने काम का बहिष्कार कर दिया है, जिससे मानेसर के हजारों घरों से गुरुवार सुबह कचरा नहीं उठा।
कमिश्नर को भेजा ई-मेल: "बिना कानूनी अधिकार के दी गईं धमकियां"
बढ़ते विवाद के बीच एजेंसी ने बुधवार देर शाम नगर निगम मानेसर के कमिश्नर को एक कड़ा ई-मेल सॉलिसिट किया। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि उनके सभी वाहन ऑन-रिकॉर्ड और वर्किंग कंडीशन में थे, लेकिन इसके बावजूद उन पर बेवजह कमियां निकालने का दबाव बनाया गया। कंपनी का तर्क है कि भारतीय प्रशासनिक ढांचे में 'मेयर पति' जैसा कोई संवैधानिक पद नहीं होता और न ही उन्हें किसी निजी व सरकारी संपत्ति के निरीक्षण का अधिकार है। इस दुर्व्यवहार के कारण कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए जब तक सुरक्षा और सम्मान का आश्वासन नहीं मिलता, शहर की सफाई व्यवस्था ठप रहेगी।
दूसरी ओर, मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव ने अपनी सफाई में कंपनी के दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि एजेंसी शहर को साफ रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही थी, जिसकी आधिकारिक शिकायत उन्होंने खुद 19 मई को दर्ज कराई थी। मेयर के मुताबिक, उनके पति केवल कर्मचारियों से फीडबैक लेने गए थे और कंपनी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस पूरे वाकये को मनगढ़ंत मोड़ दे रही है।
राव इंद्रजीत बनाम राव नरबीर: स्थानीय निकाय में छिड़ी भाजपा की 'गृहयुद्ध'
इस प्रशासनिक गतिरोध ने मानेसर की उस सियासी चिंगारी को हवा दे दी है जो लंबे समय से सुलग रही थी। दरअसल, मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव को हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रयासों से भाजपा की सदस्यता दिलाई गई थी। शुरू से ही इलाके के कद्दावर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह इस ज्वाइनिंग के सख्त खिलाफ थे। अब जब मेयर पति विवादों के घेरे में आए हैं, तो राव नरबीर सिंह का खेमा बेहद आक्रामक हो गया है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, नरबीर गुट के समर्थक पार्षद इस मुद्दे को लेकर अगले एक-दो दिनों के भीतर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करने चंडीगढ़ रवाना हो सकते हैं। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने खुद फोन पर पुष्टि करते हुए कहा, "मेरे पास भी पीड़ित पक्ष की ओर से एक लिखित शिकायत पत्र आया है। बिना किसी प्रशासनिक अधिकार के किसी भी व्यक्ति का निगम के काम में दखल देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं बहुत जल्द इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाऊंगा।"