हरियाणा में लिवर की बीमारी से सात लोगों की मौत, मृतकों की संख्या अधिक होने का ग्रामीणों का दावा
Feb 17, 2026
चंडीगढ़: हरियाणा के पलवल जिले के एक गांव में लिवर से जुड़ी बीमारियों के कारण पिछले पखवाड़े में मरने वालों का सरकारी आंकड़ा सात है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि मरने वालों की संख्या इससे अधिक है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग को स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में हथीन उपमंडल के छांयसा गांव में सात मौतें हुई हैं, जिनमें से चार लोगों की मौत हेपेटाइटिस- बी के कारण हुई हैं। हालांकि, कुछ ग्रामीणों का दावा था कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक थी। उनका यह भी कहना था कि स्वच्छ पेयजल के अभाव ने समस्या को और भी गंभीर बना दिया।
एक ग्रामीण - मोहम्मद इमरान - ने पत्रकारों से दावा किया कि गांव में पिछले तीन सप्ताह के भीतर 15-20 लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या इससे ज्यादा हो सकती है। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव की आबादी करीब 5,700 है और इन मौतों के बाद अधिकारियों ने टीम तैनात की हैं तथा लोगों के रक्त के नमूनों की जांच की जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि मरने वाले सात लोगों में से तीन को लिवर का संक्रमण भी था, जो पानी से फैलने वाला या खाद्य विषाक्तता के कारण हो सकता है।
गांव में कई लोग वाहन चालक के रूप में काम करते हैं और लंबे समय तक घर से दूर रहते हैं, जबकि कुछ लोग किसान हैं। पलवल के उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि इसकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है और पिछले दो हफ्तों से टीम गांव में डेरा डाले हुए हैं। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सतिंदर वशिष्ठ ने कहा कि 11 फरवरी के बाद से मौत की सूचना नहीं है और अब भी 2-3 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि गांव में 400 से अधिक लोगों की जांच की गई है।