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दस दिनों से प्यासे दुर्गापुर गांव का फूटा गुस्सा, पलवल-हथीन मार्ग पर लगाया बंपर जाम

May 29, 2026 3:08 PM

पलवल। पारे के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के साथ ही पलवल के ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। दुर्गापुर गांव के बाशिंदे पिछले डेढ़ हफ्ते से पानी के टैंकरों और दूर-दराज के नलकूपों के भरोसे जीने को मजबूर थे। सुबह और शाम का लंबा वक्त सिर्फ पीने के पानी का बंदोबस्त करने में ही बीत रहा था। विभाग की इस घोर लापरवाही से तंग आकर आज सुबह भारी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा खाली बर्तन लेकर मुख्य सड़क पर आ डटे।

ग्रामीणों ने बीच सड़क पर बैठकर पलवल-हथीन मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही महिलाओं ने कहा, "इस जानलेवा गर्मी में हमारे बच्चे प्यासे मर रहे हैं, पशु तड़प रहे हैं और अधिकारी अपने वातानुकूलित (एसी) कमरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।"

अधिकारियों के छूटे पसीने; मौके पर पहुंचे पुलिस और जन स्वास्थ्य विभाग के नुमाइंदे

हाईवे जाम होने की खबर जैसे ही जिला मुख्यालय पहुंची, प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। पलवल-हथीन मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। कुछ ही देर बाद जन स्वास्थ्य विभाग (पब्लिक हेल्थ) की तकनीकी टीम और विभाग के जेई प्रवीण भी प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेरकर अपनी आपबीती सुनाई और पूछा कि जब सरकार हर घर जल का दावा करती है, तो दुर्गापुर गांव के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? लोगों ने चेतावनी दी कि अधिकारी सिर्फ कोरे आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन इस बार वे बिना ठोस कार्रवाई के सड़क से नहीं हटेंगे।

जेई का दावा— "जल्द दुरुस्त होगी पाइपलाइन", ग्रामीणों की दोटूक— "सुधार नहीं हुआ तो दोबारा रुकेंगे पहिये"

मौके पर पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के जेई प्रवीण ने ग्रामीणों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया कि तकनीकी खराबी और कुछ मुख्य पाइपलाइनों में लीकेज के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिन मोहल्लों में पानी का दबाव कम है या लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें अगले 24 से 48 घंटों के भीतर ठीक कर दिया जाएगा। साथ ही, समस्या के पूरी तरह ठीक होने तक टैंकरों के जरिए अस्थाई जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों की मध्यस्थता और इस पुख्ता आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क से हटने को राजी हुए। हालांकि, जाम खुलने के बावजूद ट्रैफिक को सामान्य होने में करीब एक से दो घंटे का समय लग गया। गांव के मौजिज लोगों ने दोटूक लफ्जों में कहा है कि यदि इस बार भी वादाखिलाफी हुई, तो वे जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी।

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