पलवल में फर्जी DRI अधिकारी बनकर लूट करने वाला गैंग गिरफ्तार, 250 कैमरों ने खोला राज
Apr 18, 2026 3:56 PM
पलवल। हरियाणा के पलवल में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर फिल्मी अंदाज में हुई एक बड़ी लूट का पुलिस ने 'क्लाइमेक्स' लिख दिया है। शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की एसआईटी ने एक ऐसे शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह को बेनकाब किया है, जो फर्जी डीआरआई, आईटी और कस्टम अधिकारी बनकर लूट की वारदातों को अंजाम देता था। 2 अप्रैल की सुबह 6 बजे इस गिरोह ने पलवल में एक व्यापारी के कारिंदों को अपना निशाना बनाया था और उनसे 30 लाख कैश व 300 ग्राम सोना लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
सीसीटीवी का 'चक्रव्यूह': पलवल से दिल्ली तक बिछाया जाल
यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था क्योंकि बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए खुद को सरकारी अधिकारी बताया था। एसपी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि वारदात के बाद एसआईटी ने पलवल, फरीदाबाद और दिल्ली के रूट पर लगे करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। आधुनिक तकनीक और ह्यूमन इंटेलिजेंस के समन्वय से पुलिस लुटेरों के ठिकाने तक पहुँचने में कामयाब रही। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने सात लोगों को दबोचा, जिनके कब्जे से लूटी गई राशि में से 17.5 लाख रुपये नकद और 150 ग्राम सोना बरामद कर लिया गया है।
हिस्ट्रीशीटर धर्मवीर: अपराध की दुनिया का 'पुराना खिलाड़ी'
पकड़े गए आरोपियों का प्रोफाइल देखकर पुलिस भी हैरान है। गैंग का सरगना दिल्ली निवासी धर्मवीर है, जो साल 2011 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और उस पर हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे 26 मामले दर्ज हैं। गिरोह का दूसरा मुख्य सदस्य बिजेंद्र है, जिस पर 17 मुकदमे चल रहे हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में चार दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि अन्य झज्जर, पलवल और पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। पुलिस ने इन सभी पर संगठित अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, ताकि इनकी जमानत की राह मुश्किल हो सके।
तीन महीने की रेकी और सटीक 'प्लानिंग'
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बदमाश इस लूट को लेकर बेहद गंभीर थे। वे पिछले तीन महीनों से लगातार व्यापारी और उसके कर्मचारियों की रेकी कर रहे थे। उन्हें पता था कि किस समय बड़ी रकम का मूवमेंट होता है। एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और शेष रिकवरी के लिए पुलिस टीमें अभी भी छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही लूट का पूरा माल बरामद कर लिया जाएगा। इस बड़ी कामयाबी के बाद इलाके के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।