Palwal News: पलवल में खौफनाक साजिश, दुश्मनों को फंसाने के लिए जिम मालिक ने खुद चलाईं गोलियां, पुलिस ने दबोचा
Jun 08, 2026 4:38 PM
पलवल। किसी को कानूनी शिकंजे में फंसाने के लिए लोग किस हद तक जा सकते हैं, इसका एक सनसनीखेज उदाहरण पलवल में देखने को मिला है। जिले की सीआईए (क्राइम ब्रांच) और गदपुरी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर खेल का पर्दाफाश किया है, जिसमें शिकायतकर्ता ही असल में मुख्य विलेन निकला। अपनी ही जिम में खुद गोलियां बरसाकर दुश्मनों पर हत्या के प्रयास का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले इस शख्स के मंसूबों पर पुलिस ने चंद घंटों में पानी फेर दिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता के पास से दो अवैध पिस्टल बरामद की हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम में तोड़फोड़ करने आए विरोधी गुट के आरोपियों को भी लोहे की रॉड और अवैध कट्टे के साथ दबोच लिया है।
6 जून की सुबह पुलिस चौकी पहुंचा था शेखर, लिखवाई थी 'खौफनाक' कहानी
पलवल पुलिस मुख्यालय में मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी (हेडक्वार्टर) साहिल ढिल्लों ने बताया कि बीती 6 जून को धतीर गांव के रहने वाले शेखर (पुत्र श्रीराम) ने धतीर पुलिस चौकी में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शेखर का आरोप था कि पुरानी रंजिश के कारण सुमित, रिंकू, साहिल और उनके कुछ साथियों ने सुबह करीब 5 बजे उसकी 'श्रीराम फिटनेस जोन' जिम में जबरन घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। शिकायत में यह भी कहा गया कि हमलावरों ने जिम के शीशे तोड़े, बाहर खड़ी आई-20 कार को क्षतिग्रस्त किया और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कड़ियों से कड़ियां मिलीं तो उलट गई कहानी; फॉरेंसिक सबूतों ने खोली पोल
थाना गदपुरी के अंतर्गत चौकी इंचार्ज एएसआई राकेश कुमार और सीआईए पलवल की संयुक्त टीम ने जब घटनास्थल का मुआयना किया, तो वहां से 6 खाली खोखे और 4 चली हुई बुलेट बरामद हुईं। प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह सच लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गवाहों से पूछताछ की, तो कहानी में झोल नजर आने लगा।
गहराई से की गई तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी महेश, संदीप और रिंकू योजना के मुताबिक जिम पहुंचे जरूर थे। उन्होंने वहां और बाहर खड़ी गाड़ी पर लाठियां बरसाकर शीशे भी तोड़े। लेकिन जैसे ही गांव की भीड़ जुटने लगी, वे बिना कोई फायरिंग किए वहां से नौ दो ग्यारह हो गए। इसके बाद जिम संचालक शेखर ने मौके का फायदा उठाया। उसने विरोधियों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धाराएं लगवाने के लिए अपनी ही अवैध पिस्टल से जिम के अंदर और बाहर कई राउंड फायर कर दिए, ताकि पुलिस को यह यकीन हो जाए कि उस पर जानलेवा हमला हुआ था।
पैसों के लेनदेन का विवाद; सीआईए प्रभारी और थाना इंचार्ज का ज्वाइंट ऑपरेशन
क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार और गदपुरी थाना प्रभारी उप-निरीक्षक कुलदीप सिंह की अगुवाई में चली इस तफ्तीश ने साफ कर दिया कि मामला पैसों के लेनदेन की पुरानी रंजिश का था। शेखर अपने दुश्मनों को हमेशा के लिए सलाखों के पीछे देखना चाहता था। फिलहाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुद को पीड़ित बताने वाले शेखर और तोड़फोड़ करने वाले दूसरे पक्ष के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो अवैध पिस्टल, एक देसी कट्टा और लोहे की रॉड बरामद कर ली गई है। पुलिस अब इन सभी को कोर्ट में पेश कर आगे की रिमांड की तैयारी कर रही है।