बिजली मंत्री अनिल विज का पंचकूला कॉल सेंटर पर छापा,मोरनी की शिकायत पर भड़के विज
May 27, 2026 4:02 PM
पंचकूला। हरियाणा के बिजली महकमे में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब सूबे के कड़क मिजाज मंत्री अनिल विज पंचकूला स्थित बिजली निगम के कॉल सेंटर पर धमक पड़े। गर्मियों के इस सीजन में बिजली कटौती और फॉल्ट की बढ़ती दिक्कतों के बीच मंत्री का यह औचक निरीक्षण पूरी तरह जमीनी हकीकत जानने के लिए था। दफ्तर में कदम रखते ही विज ने अधिकारियों को किनारे किया और खुद कंप्यूटर स्क्रीन पर आकर दर्ज शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने रैंडमली कुछ शिकायतकर्ताओं के नंबर उठाए और सीधे उन्हें फोन मिलाकर पूछा, "मैं बिजली मंत्री बोल रहा हूँ, बताइए आपकी बिजली ठीक हुई या अधिकारी केवल कागजों पर काम दिखा रहे हैं?"
मोरनी की लापरवाही पर भड़के मंत्री, रोहतक के एसई को अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान जैसे ही विज के सामने मोरनी पहाड़ी क्षेत्र की एक फाइल खुली, उनका पारा चढ़ गया। इस शिकायत पर पिछले पूरे दिन से विभाग के किसी कर्मचारी ने हाथ तक नहीं लगाया था। मंत्री ने तुरंत संबंधित सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (एसई) को फोन पर लाइन पर लिया और जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि तुरंत मौके पर जाकर फॉल्ट ठीक कराएं, दफ्तर में बैठकर जनता को परेशान न करें। वहीं, पूरे प्रदेश के डेटा में रोहतक जिले से सबसे अधिक शिकायतें पेंडिंग मिलने पर विज ने वहां के अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कह दिया कि अगर पेंडेंसी जल्द खत्म नहीं हुई तो गाज गिरना तय है।
शहरों के लिए 2 और गांवों के लिए 4 घंटे का 'डेडलाइन'
कॉल सेंटर में तैनात अमले को कड़े निर्देश जारी करते हुए अनिल विज ने काम करने का नया तरीका और समय सीमा तय कर दी है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी और बिजली के लिए तरस रहे हैं, ऐसे में ढीला रवैया बर्दाश्त नहीं होगा। अब से शहरी इलाकों में कोई भी बिजली फॉल्ट या शिकायत आने पर उसे अधिकतम 2 घंटे के भीतर ठीक करना होगा, जबकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा 4 घंटे मुकर्रर की गई है। उन्होंने पूरी शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal System) को और ज्यादा हाईटेक और पारदर्शी बनाने के हुक्म दिए।
आधे दिन में ही आईं 2500 शिकायतें, सिस्टम की खुली पोल
बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह से लेकर दोपहर तक के चंद घंटों के भीतर ही पूरे हरियाणा से करीब 2500 शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। हालांकि, अधिकारियों का दावा था कि इनमें से लगभग आधी शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है, लेकिन पेंडिंग पड़ी आधी शिकायतों को लेकर मंत्री संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने बचे हुए सभी मामलों को आज ही युद्धस्तर पर निपटाने के आदेश दिए ताकि आम जनता को इस चिलचिलाती धूप में बिजली कटौती से राहत मिल सके।