पंचकूला: पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में शुक्रवार को स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित भव्य स्वदेशी मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। उत्तर क्षेत्र के समन्वयक राजेश गोयल ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मेले का उद्घाटन हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में स्वदेशी वस्तुओं, भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रभावशाली संदेश देखने को मिला। इस अवसर पर स्वामी संपूर्णानंद महाराज, आरएसएस के प्रमुख वक्ता पवन जिंदल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष रजनीश गर्ग, उत्तर क्षेत्र समन्वयक स्वदेशी संचालक राजेश गोयल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में शहरवासी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और युवा वर्ग ने भाग लिया।
अपने संबोधन में हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने कहा कि “स्वदेशी आज की नहीं, बल्कि आने वाले समय की सबसे बड़ी मांग है। आने वाला समय पूरी तरह स्वदेशी का समय है और इस मेले में वही स्वदेशी दिखाई दे रहा है। यहां मौजूद हर वस्तु आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।” उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और स्थानीय कारीगरों व छोटे उद्योगों को सीधा लाभ मिलता है। प्रमुख वक्ता पवन जिंदल ने कहा कि स्वदेशी मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का माध्यम है। उन्होंने कहा, “वैश्वीकरण के इस दौर में स्वदेशी ही भारत को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बना सकता है। स्वदेशी मेला लोगों को यह संदेश देता है कि अगर हम देश में बने उत्पादों को अपनाएं, तो भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। यह आने वाले समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” उन्होंने युवाओं से स्वदेशी आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
स्वदेशी जागरण मंच के उत्तर क्षेत्र समन्वयक राजेश गोयल ने कहा कि स्वदेशी मेला आने वाले समय की मुख्य मांग बन चुका है। उन्होंने कहा, “स्वदेशी मेला देश के कारीगरों, लघु उद्योगों और घरेलू उत्पादकों को एक मजबूत मंच देता है। हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वदेशी के प्रति जागरूक करना और विदेशी उत्पादों के विकल्प के रूप में स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करना है। ऐसे मेले भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” स्वामी संपूर्णानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेशी केवल व्यापार नहीं, बल्कि एक संस्कार और विचारधारा है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाकर ही समाज आत्मनिर्भर बन सकता है और इस तरह के मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम हैं। स्वदेशी मेले के पहले ही दिन भारी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों में स्वदेशी उत्पादों और भारतीय संस्कृति को नज़दीक से देखने को लेकर खासा उत्साह नजर आया। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। खादी वस्त्र, हस्तशिल्प, आयुर्वेदिक उत्पाद, जैविक खाद्य सामग्री, देसी मसाले, पारंपरिक सजावटी सामान और स्वदेशी उद्योगों से जुड़े उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला मेले में उपलब्ध है।
मेले का सबसे बड़ा आकर्षण हेरिटेज कॉर्नर रहा, जहां भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ी पुरानी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इस कॉर्नर में दादी-नानी और नाना के जमाने में पीढ़ी को भारतीय जीवनशैली की झलक देखने को मिली। मेले में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दर्शाते सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक प्रस्तुतियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यह स्वदेशी मेला आगामी दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन नए उत्पाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष आकर्षण देखने को मिलेंगे। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से मेले में पहुंचकर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील की है। इस मौके पर पार्षद हरिंदर मलिक, श्यामलाल बंसल, डॉ . वेणु राव,मेला प्रमुख रजनीश गर्ग ,जिला सामान्य अरुण गर्ग, राजीव कुमार,टोनी गुप्ता, विकास जिंदल, संजय आहूजा,प्रदीप गोयल,दीपक गोयल, अरुण गर्ग, दिनेश शर्मा, रंजीता मेहता, प्रदीप गर्ग सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।