IDFC First Bank Scam: हरियाणा के 8 IAS अफसर सीबीआई रडार पर, चंडीगढ़ के ज्वैलर-बिल्डर के खिलाफ चार्जशीट दर्ज
Jun 13, 2026 11:26 AM
पंचकुला। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए करोड़ों रुपये के कथित घपले ने हरियाणा और चंडीगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस बहुचर्चित मामले में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल कर अपनी मंशा साफ कर दी है। जांच एजेंसी का सीधा फोकस उस सरकारी धन पर है, जिसे बेहद शातिराना तरीके से ठिकाने लगाया गया। इस पूरे खेल का एक सिरा हरियाणा सरकार के विभिन्न महकमों से जाकर जुड़ता है, तो दूसरा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के खजाने में सेंधमारी से जुड़ा है। सीबीआई ने संकेत दिए हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में कई और रसूखदार चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
सावन ज्वैलर्स और बिल्डर विक्रम वाधवा के जरिए हुआ पैसों का खेल
पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल की गई दूसरी चार्जशीट में एजेंसी ने दो बड़े नामजद आरोपियों पर शिकंजा कसा है। इनमें चंडीगढ़ के सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन कटौदिया और प्रमोटर-बिल्डर विक्रम वाधवा शामिल हैं। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। सावन ज्वैलर्स के खातों में मुख्य आरोपियों के जरिए ₹250 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की गई थी। इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल काले धन को सफेद करने और बैंकिंग सिस्टम को चकमा देकर कैश का इंतजाम करने के लिए किया गया। वहीं, विक्रम वाधवा को इस पूरे नेक्सस का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जिसने अपनी शेल कंपनियों के जरिए फंड को रियल एस्टेट और बेनामी जमीनों में डायवर्ट किया।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड पर भी गिरी गाज
इस घोटाले की दूसरी परत चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़ी है, जिसकी पहली चार्जशीट चंडीगढ़ की विशेष अदालत में पेश की गई। इस वाले मामले में कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें पांच बैंक अधिकारियों के साथ ही सीएससीएल (CSCL) का एक अधिकारी और एक प्राइवेट प्लेयर शामिल है। सरकारी तंत्र और बैंकिंग सेक्टर की इस जुगलबंदी ने मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये पार कर दिए। इससे पहले हरियाणा सरकार के विभागों वाले मामले में भी 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दी जा चुकी है, जिसमें तीन सरकारी मुलाजिम और छह बैंक अफसर पहले से ही नपे हुए हैं।
8 आईएएस अधिकारियों पर तलवार, तीसरी चार्जशीट की तैयारी
सीबीआई की इस कार्रवाई से हरियाणा के प्रशासनिक अमले में भारी बेचैनी है। दरअसल, इस पूरे सिंडिकेट में हरियाणा कैडर के 8 आईएएस (IAS) अधिकारी सीधे तौर पर रडार पर हैं। इनमें से तीन अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई पहले ही तड़के छापेमारी कर सबूत खंगाल चुकी है। एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि बाकी बचे अफसरों से भी जल्द ही आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी। सीबीआई ने साफ किया है कि इन सभी आला अधिकारियों से पूछताछ पूरी होने और पुख्ता डिजिटल व दस्तावेजी सबूत मिलने के बाद कोर्ट में एक तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जो इस घोटाले की आखिरी कड़ी को जोड़ेगी।