पानीपत में दरिंदगी की हदें पार, सगे पिता की साजिश में मां-बेटी बनीं हवस का शिकार
Apr 24, 2026 11:57 AM
पानीपत। पानीपत के औद्योगिक शहर से एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिसने समाज के रक्षक माने जाने वाले 'पिता' के किरदार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने पुलिस के पास पहुंचकर जो दास्तां सुनाई, उसे सुनकर अनुभवी पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। पीड़िता का आरोप है कि उसका सगा पिता उसे अपनी उम्र से बड़े एक कारोबारी के बेटे के साथ शादी करने के लिए मजबूर कर रहा था। जब उसने अपनी उम्र का हवाला देकर इस गैर-कानूनी शादी से इनकार किया, तो पिता ने ममता और नैतिकता को ताक पर रखकर अपनी ही पत्नी और बेटी के खिलाफ साजिश रच डाली।
12 दिनों का नर्क: बंधक बनाकर दरिंदगी
पीड़िता ने बताया कि शादी से मना करने के बाद उसके पिता ने अपने कारोबारी साथी और उसके बेटे के साथ मिलकर उसे और उसकी मां को किडनैप कर लिया। अगले 12 दिनों तक दोनों को एक अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। आरोप है कि पिता के सामने ही उसके कारोबारी साथी ने लड़की की मां के साथ और कारोबारी के बेटे ने नाबालिग लड़की के साथ बार-बार दुष्कर्म किया। इस पूरी वारदात में पिता न केवल मूकदर्शक बना रहा, बल्कि उसने आरोपियों का साथ भी दिया।
मौत के मुंह से निकलकर पहुंचीं थाने
पीड़िता और उसकी मां के मुताबिक, वे पिछले 12 दिनों से तिल-तिल कर मर रही थीं और वहां से निकलने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। अंततः एक दिन आरोपियों की नजर चूकते ही दोनों मां-बेटी वहां से भागने में सफल रहीं। सीधे थाने पहुंचकर उन्होंने आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मेडिकल जांच कराई और नाबालिग के बयान दर्ज किए।
7 लोगों पर मामला दर्ज, पुलिस की छापेमारी शुरू
पानीपत पुलिस ने इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर उसके पिता, कारोबारी बाप-बेटे सहित कुल 7 लोगों के खिलाफ किडनैपिंग, बंधक बनाने, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि यह मामला केवल अपराध का नहीं बल्कि घोर सामाजिक पतन का है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके।