पानीपत में सोशल मीडिया स्टार 'परी रानी सूट्स' की मालकिन पर ठगी का केस, ऐसे फंसाती थी महिलाओं को
Jun 09, 2026 1:11 PM
पानीपत। रील्स, लाइक्स और वर्चुअल दुनिया की चकाचौंध के पीछे ठगी का कितना बड़ा जाल ताना जा रहा है, इसका एक खौफनाक उदाहरण पानीपत में देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर बढ़ती फैन फॉलोइंग और लेडीज सूट्स के विज्ञापनों का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने वाली एक महिला कारोबारी अब पुलिस के शिकंजे में है। पानीपत के सेक्टर-23 (TDI) में 'परी रानी सूट्स' नाम से आउटलेट चलाने वाली मालकिन रानी गाहल्याण के खिलाफ थाना चांदनी बाग में धोखाधड़ी, जालसाजी और ब्लैकमेलिंग की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह पूरी कार्रवाई चरखी दादरी की रहने वाली अंजू रानी की शिकायत पर हुई है, जो इस तथाकथित इन्फ्लुएंसर के बुने जाल में फंसकर अपनी जिंदगी की जमापूंजी गंवा बैठीं।
'सूरत के कारीगर और खुद की फैक्ट्री' के झूठे दावों से बुना जाल
पीड़िता अंजू रानी ने पुलिस को बताया कि आरोपी महिला सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहती है और ऑनलाइन वीडियो के जरिए अपने सूटों का बढ़-चढ़कर प्रचार करती है। कपड़ों के बिल्कुल नए और नायाब डिजाइन होने का दावा देखकर अंजू प्रभावित हुई और 1 जनवरी को पानीपत स्थित उसकी दुकान पर आ गई। पहली ही मुलाकात में रानी गाहल्याण ने अपने मीठे व्यवहार से अंजू को जाल में फंसा लिया। रानी ने दावा किया कि उसके पास सूरत से बुलाए गए विशेष कारीगर हैं और उसकी अपनी निजी फैक्ट्री है। उसने अंजू को बड़ा मुनाफा कमाने का सब्जबाग दिखाते हुए अपने ब्रांड 'परी रानी सूट्स' की फ्रेंचाइजी लेने का लालच दिया।
एग्रीमेंट पढ़ने नहीं दिया, टैक्स चोरी के नाम पर की हेराफेरी
आरोपी महिला ने अंजू को भरोसा दिलाया कि पूरे देश में उसकी भारी फैन फॉलोइंग है, इसलिए उसके नाम का बोर्ड लगते ही दुकान पर ग्राहकों की लाइन लग जाएगी। 2 फरवरी 2025 को रानी ने अंजू को दोबारा बुलाया और फ्रेंचाइजी फीस के तौर पर ₹8 लाख की मांग की। अंजू जब चेक या बैंक ट्रांसफर से भुगतान करने लगी, तो आरोपी ने साफ मना कर दिया और कहा कि सिक्योरिटी अमाउंट सिर्फ नकद (कैश) ही लिया जाएगा। अंजू ने अलग-अलग तारीखों में किस्तों में पैसे जुटाए।
धोखाधड़ी की हद तो तब हो गई जब बची हुई रकम लेकर अंजू पानीपत कोर्ट पहुंची। वहां आरोपी ने पहले से तैयार एग्रीमेंट को यह कहकर पढ़ने नहीं दिया कि उसे किसी जरूरी काम से तुरंत बाहर जाना है। अंजू ने भरोसे में आकर दस्तखत कर दिए, लेकिन घर आकर पढ़ने पर पता चला कि एग्रीमेंट में सिर्फ ₹5 लाख के लेनदेन का ही जिक्र था। विरोध करने पर आरोपी ने इसे टैक्स बचाने की कागजी औपचारिकता बताकर टाल दिया।
₹15 लाख के कटे-फटे सूट भेजे, दुकान में डंप पड़ा ₹40 लाख का स्टॉक
असली खेल तब शुरू हुआ जब दुकान खुलने के बाद पक्के जीएसटी बिल पर माल देने की बात से आरोपी मुकर गई। अंजू ने जब बाजार का सर्वे किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई; जो सूट उसे दिए गए थे, वे बाजार मूल्य से 2 से 3 गुना महंगे थे। इसके अलावा, भेजे गए स्टॉक में करीब ₹15 लाख के कपड़े कटे-फटे, डिफेक्टिव और खराब रंग के निकले। अत्यधिक कीमत और खराब क्वालिटी के कारण ग्राहकों ने अंजू की दुकान से मुंह मोड़ लिया। वर्तमान में अंजू के पास करीब ₹40 लाख का ऐसा स्टॉक डंप पड़ा है, जिसे कोई खरीदने को तैयार नहीं है।
जब रोहतक के रहने वाले अंजू के एक परिचित संदीप पासी ने इस संबंध में बीच-बचाव की कोशिश की, तो आरोपी महिला ने अंजू के चरित्र को लेकर बेहद अपमानजनक बातें कहीं, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई है।
जांच में खुली पोल, अब मिल रही हैं जान से मारने की धमकियां
पीड़िता अंजू ने जब अपने स्तर पर पड़ताल की, तो पता चला कि रानी गाहल्याण की कोई फैक्ट्री ही नहीं है। वह खुद मनोज उर्फ बंटी नाम के एक शख्स से सस्ते दामों पर लॉट का माल खरीदती है और परी रानी सूट्स के टैग लगाकर ऊंचे दामों पर बेचती है।
अपनी ठगी पकड़े जाने और पैसे वापस मांगने पर आरोपी महिला के तेवर पूरी तरह बदल गए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा:
"जब मैंने अपना माल वापस लेने और ₹8 लाख की फ्रेंचाइजी राशि लौटाने का दबाव बनाया, तो रानी ने सोची-समझी साजिश के तहत मुझे कानूनी नोटिस भेजने शुरू कर दिए। अब वह मुझे झूठे मुकदमों में फंसाने और खुलेआम जान से मारने की धमकियां दे रही है। उसने साफ कहा कि उसका तो काम ही यही है।"
थक-हारकर पीड़िता ने पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) के सामने न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।