Jagdish Singh Jhindha: ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब विवाद के बाद दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) पर हुए भारी बवाल और चक्का जाम मामले में नामजद सिख युवाओं की रिहाई का रास्ता साफ होने लगा है। हरियाणा सरकार और सिख संगत के बीच बनी सहमति के बाद अब चरणबद्ध तरीके से युवाओं को जेल से रिहा किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को एक और सिख युवक की जेल से रिहाई हुई।
सिख युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और उनकी सकुशल रिहाई को लेकर हाल ही में सिख संगत के नुमाइंदों और हरियाणा के मुख्यमंत्री के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में सरकार की ओर से कानूनी प्रक्रिया को पूरा करते हुए युवाओं को जल्द से जल्द छोड़ने का ठोस आश्वासन दिया गया था। इसी वादे पर अमल करते हुए प्रशासन एक-एक कर युवाओं को जमानत व कानूनी राहत प्रदान कर रहा है।
जेल से सीधे गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब पहुंचा युवक, संगत ने किया स्वागत
गुरुवार को जैसे ही युवक जेल की सलाखों से बाहर आया, उसे लेने के लिए जेल परिसर के बाहर सिख संगत का बड़ा हुजूम मौजूद था। जेल से रिहा होने के तुरंत बाद युवक को सीधे गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब ले जाया गया। वहां उसने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाकर अरदास की और नतमस्तक हुआ।
इस दौरान मौके पर मौजूद संगत ने युवक का गर्मजोशी से स्वागत किया। सिख प्रतिनिधियों का कहना है कि वे बाकी बचे युवाओं की जल्द रिहाई के लिए शासन-प्रशासन के साथ लगातार संवाद बनाए हुए हैं।
लाठीचार्ज और पुलिस झड़प के बाद दर्ज हुए थे मुकदमे
गौरतलब है कि पंजोखरा साहिब घटनाक्रम के विरोध में सिख संगत ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना देकर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया था। हाईवे खाली कराने पहुंची पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई थी। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस को बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा था।
इस हिंसक टकराव में कई पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने कई सिख युवाओं को मौके और बाद में नामजद कर गिरफ्तार किया था।
जगदीश सिंह झिंडा का बड़ा बयान: “मंड शुकराना अरदास से पहले मांगें माफी”
दूसरी ओर, इस पूरे मामले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के कार्यवाहक प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। झिंडा ने मीडिया के जरिए मंड को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मंड ने पहले लिखित पत्र भेजकर माफी मांगने की बात कही थी, लेकिन अभी तक अपने कहे मुताबिक कोई सार्वजनिक माफी नहीं मांगी है।
झिंडा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “गुरसिमरन सिंह मंड को शुकराना अरदास से पहले पंथ और संगत से बिना शर्त माफी मांग लेनी चाहिए। अगर वह समय रहते अपनी गलती का अहसास कर माफी नहीं मांगते हैं, तो सिख संगत उनके खिलाफ कोई कठोर व बड़ा फैसला लेने पर मजबूर होगी।”
इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख सदस्य हरकेश मोहड़ी ने भी संगत का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि सिख पंथ की मर्यादा और युवाओं के मान-सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

