नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण के मसौदे के कुछ अंश का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया, जिस पर सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला तथा सदन की कार्यवाही बाधित हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष की बातें पूरी तरह से काल्पनिक हैं और वह सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। सदन में गतिरोध बने रहने पर सभा की बैठक पहले अपराह्न दो बजकर नौ मिनट पर अपराह्न तीन बजे तक, दूसरी बार तीन बजकर आठ मिनट पर शाम चार बजे तक और फिर चार बजकर 10 मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष सदन में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के मसौदे के उस अंश को पढ़ना चाहते थे जिसमें 31 अगस्त, 2020 की एक घटना का उल्लेख है। यह संस्मरण अभी प्रकाशित नहीं हुआ है। 



पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में उद्धृत हो सकता: आम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में उद्धृत नहीं कर सकते, हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र के बारे में भी बताया है। इस विषय पर कार्यवाही पहली बार स्थगित होने से पहले जब लोकसभा में गतिरोध जारी था तब प्रधानमंत्री मोदी भी सदन में मौजूद थे। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने भाषण की शुरुआत में ही भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए पलटवार करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति और चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं, इसलिए वह एक पूर्व सेना प्रमुख के उस संस्मरण के अंश को पढ़ना चाहते हैं जो एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने जैसे ही इसे पढ़ने का प्रयास किया तो राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि वह जिस पुस्तक का उल्लेख कर रहे हैं, वो प्रकाशित हुई है या नहीं।



गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष की बात पर जताई सहमती 

गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए। बिरला ने राहुल गांधी से कई बार कहा कि वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें। जब राहुल गांधी इस संस्मरण के कुछ अंश सदन के पटल पर रखने पर अड़े रहे तो बिरला ने कहा, ‘‘आप लगातार आसन की अवमानना कर रहे हैं...।’’ राहुल गांधी ने कहा कि वह आसन को चुनौती नहीं दे रहे हैं, बल्कि चीन के साथ भारत के रिश्ते के बारे में बात रखना चाहते हैं। सदन में लगातार गतिरोध बने रहने पर बिरला ने लोकसभा की बैठक अपराह्न दो बजकर नौ मिनट पर अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। लोकसभा की बैठक पुन: शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर इसी मुद्दे को रखने का प्रयास किया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। कांग्रेस नेता की बातों का विरोध करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘ये पूरी तरह काल्पनिक बातें हैं, नेता प्रतिपक्ष सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें इस विषय पर बोले जाने से रोका जाए।’’ 



कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित 

गतिरोध जारी रहने पर लोकसभा अध्यक्ष ने तीन बजकर आठ मिनट पर सभा की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।  लोकसभा की कार्यवाही शाम चार बजे फिर से शुरू होने पर पीठासीन सभापति ने व्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल गांधी से अपील की कि वह अपनी बात राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखें। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर से उसी विषय को उठाने का प्रयास किया, जिस पर विपक्ष के कुछ सदस्य हंसने लगे। पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने कहा, ‘‘आप लोग अपने नेता पर हंस क्यों रहे हैं?’’ राहुल गांधी ने दावा किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा जो विषय सदन में रखना चाहते हैं वह प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के लिए असहज करने वाला है। राहुल का कहना था कि यदि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री सहज होते तो उन्हें बोलने दिया जाता। सदन में गतिरोध बने रहने पर पाल ने शाम चार बजकर 10 मिनट पर लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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