Punjab Weather Update: पंजाब में सुस्त पड़ा मानसून, पठानकोट की सड़कें जलमग्न, जानें आपके शहर में आज कैसा रहेगा मौसम

पंजाब में सुस्त पड़ा मानसून, पठानकोट की सड़कें जलमग्न, जानें आपके शहर में आज कैसा रहेगा मौसम
Punjab Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ के इलाकों में इस बार मानसून का मिजाज कुछ बदला-बदला नजर आ रहा है। रविवार को पठानकोट में हुई तेज बारिश ने जहां स्थानीय नगर निगम के जल निकासी के दावों की पोल खोल दी और सड़कें पानी से लबालब हो गईं, वहीं प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों की मानें तो इस मानसून सीजन में पंजाब में सामान्य के मुकाबले 28 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
गर्मी ने पकड़ी रफ्तार, बठिंडा सबसे गर्म
बारिश की गतिविधियों में आई कमी का सीधा असर तापमान पर देखने को मिल रहा है। पारे में औसतन एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन भारी बारिश की उम्मीद फिलहाल कम ही है।
23 अगस्त को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) सक्रिय है। इसके अलावा मानसून की ट्रफ लाइन भी अमृतसर से होकर गुजर रही है। इस वजह से सोमवार को होशियारपुर और रूपनगर में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।
इसके अलावा तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, गुरदासपुर और अमृतसर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मालवा के फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा और मानसा जैसे जिलों में केवल एक-दो स्थानों पर ही छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों पर उठे सवाल
शनिवार को मौसम विभाग ने पंजाब के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन असल में चंडीगढ़ में 0.8 मिमी, लुधियाना में 0.5 मिमी, पठानकोट में 0.5 मिमी और पटियाला में 2.0 मिमी बारिश ही दर्ज की गई।
हालांकि, जमीनी हकीकत इससे अलग रही। मोहाली और खरड़ के इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे खरड़ के मुख्य बाजारों में पानी भर गया और मोहाली के जयंती माजरी में तो मवेशियों से लदा एक ट्राला जलभराव के बीच फंस गया। हैरानी की बात यह रही कि मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में इस बारिश का कोई जिक्र दर्ज नहीं हो सका।
भाखड़ा और पोंग बांध में पानी का स्तर सुरक्षित
राहत की बात यह है कि पहाड़ों और मैदानी इलाकों में नियंत्रित बारिश के चलते राज्य के प्रमुख बांधों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
भाखड़ा बांध: मौजूदा समय में भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,630.37 फीट पर है (इसकी कुल क्षमता 1,680 फीट है)। इसमें फिलहाल 41,877 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 25,162 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
पोंग बांध: पोंग बांध का जलस्तर 1,362.36 फीट दर्ज किया गया (अधिकतम सीमा 1,390 फीट है)। यहां 23,300 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 15,006 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
दोनों ही जलाशय खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, जिससे फिलहाल मैदानी इलाकों में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
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