- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 09:17
चंडीगढ़: पंजाब के फिरोजपुर और मोगा जिलों में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला कोर्ट कॉम्पलैक्स को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस धमकी के बाद अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह धमकी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई है। धमकी की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों जिलों के कोर्ट कॉम्पलैक्स को तुरंत खाली करा लिया गया। अदालत में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एहतियातन कोर्ट परिसर के साथ-साथ पार्किंग एरिया को भी पूरी तरह खाली कराया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस की कई टीमें कोर्ट कॉम्पलैक्स की गहन तलाशी में जुटी हुई हैं। हर कोने की जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध वस्तु पर विशेष नजर रखी जा रही है। हालांकि अब तक किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी फिलहाल यह बताने से बच रहे हैं कि धमकी भरी ई-मेल कहां से भेजी गई, किसने भेजी और उसमें क्या लिखा गया है। सूत्रों के अनुसार, साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी पंजाब के अमृतसर, जालंधर और पटियाला में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे राज्य में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गोल्डी बराड़ भगोड़ा घोषित, 30 दिन में पेश होने का आदेश
इसी बीच, आतंकवाद से जुड़े एक अहम मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चंडीगढ़ स्थित विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कुख्यात आतंकी सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित कर दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 84 के तहत कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश भावना जैन ने गोल्डी बराड़ को 30 दिनों के भीतर अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। गोल्डी बराड़ के खिलाफ 20 जनवरी 2024 को चंडीगढ़ में एक कारोबारी के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 मार्च 2024 को जांच एनआईए को सौंप दी गई। गोल्डी बराड़ वही शख्स है, जिसे पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड माना जाता है। केंद्र सरकार पहले ही उसे आतंकवादी घोषित कर चुकी है। फिलहाल वह कनाडा में रह रहा है।
इस केस में गोल्डी बराड़ पर आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 336 (लापरवाही से जान को खतरा), 384 (जबरन वसूली) और 506 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ यूएपीए और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। अदालत के आदेश के बावजूद यदि वह तय समय पर पेश नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, गोल्डी बराड़ को कनाडा से भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं। कोर्ट कॉम्पलैक्स को मिली धमकियों और आतंकी मामलों में हो रही कार्रवाई ने एक बार फिर पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए हैं।