Punjab News: अकाल तख्त के फैसले पर सीएम भगवंत मान ने दी सफाई, बोले- वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं
Jun 16, 2026 1:17 PMचंडीगढ़/पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उनके खिलाफ लिए गए फैसले पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिस वायरल वीडियो को आधार बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट, कद-काठी और शरीर उनसे मेल नहीं खाते। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर पहले भी अपनी बात स्पष्ट कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब में बुलाया गया था, तब भी उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वे नहीं हैं। उनके अनुसार वीडियो को लेकर जो निष्कर्ष निकाले गए हैं, वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की शारीरिक संरचना उनसे अलग है। इसलिए उन्हें इस पूरे मामले में गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शुरू से ही इस वीडियो को अस्वीकार करते रहे हैं और आज भी अपने उसी रुख पर कायम हैं।
अकाल तख्त के फैसले के बाद आई प्रतिक्रिया
सोमवार को अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार Kuldeep Singh Gargaj द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ विरोधी और गुरु विरोधी घोषित किए जाने के बाद यह प्रतिक्रिया सामने आई है। यह फैसला कथित वायरल वीडियो की जांच के बाद सुनाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी है कि धार्मिक संस्थाओं से जुड़े कुछ लोग ऐसे आरोपों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।
बदनाम करने के लिए चलाया जा रहा प्रचार: सीएम
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी, किसानों, युवाओं और गुरु साहिब की बाणी से जुड़े मुद्दों पर सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसलों से कुछ लोग असहज हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इसी कारण उनके खिलाफ विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे प्रचार से सावधान रहना चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों को देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सिर हमेशा अकाल तख्त के सामने झुकता है और वे उसका पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त के साथ टकराव की बात तो दूर, उनकी कई पीढ़ियां भी ऐसा सोच नहीं सकतीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थाओं में हुई नियुक्तियों और कुछ फैसलों को लेकर सिख संगत अपनी राय रखती रही है और इन विषयों को समाज भली-भांति समझता है।
बेअदबी कानून और फैसलों पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में बेअदबी विरोधी कानूनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले मांग की जाती थी कि सरकार ऐसे कानून बनाए, लेकिन कानून बनने के बाद उसी पर सवाल उठाए जाने लगे। उनका कहना था कि जनता ने इन कानूनों का स्वागत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने पुराने रुख से पीछे हट गए हैं और अब उन्हीं फैसलों का विरोध कर रहे हैं जिनकी पहले मांग की जा रही थी।
फैसलों में बदलाव का भी किया जिक्र
भगवंत मान ने कहा कि समय-समय पर लिए गए कुछ फैसलों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में पहले एक रुख अपनाया गया और बाद में उसे बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि सिख संगत इन घटनाओं और फैसलों से परिचित है तथा समाज स्वयं इनका आकलन करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम निर्णय हमेशा जनता और संगत के हाथ में होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। अंत में उन्होंने संगत से अपील की कि वह किसी भी प्रकार के प्रचार से प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आगे भी पंजाब, पंजाबियों और राज्य के हितों से जुड़े फैसले लेते रहेंगे तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।