Punjab News: पंजाब के 22 जिलों में आज किसानों का रोष प्रदर्शन, 74 स्थानों पर सरकारों के खिलाफ ‘अर्थी फूंक’ कार्यक्रम
Jun 08, 2026 9:56 AM
चंडीगढ़: पंजाब में किसान संगठनों ने सोमवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के राष्ट्रीय आह्वान के तहत पंजाब के सभी 22 जिलों में करीब 74 स्थानों पर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के खिलाफ ‘अर्थी फूंक’ प्रदर्शन किए जाएंगे। किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष सरवण सिंह पंधेर ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि मौजूदा समय में पंजाब के कई इलाकों में यूरिया खाद की भारी कमी बनी हुई है। उनका कहना है कि सरकारी आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने के कारण किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर यूरिया खाद कथित रूप से ब्लैक में बिक रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि यूरिया खाद निर्धारित सरकारी दरों पर उपलब्ध कराई जाए और इसकी कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की कमी सीधे फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
नैनो यूरिया और अन्य उत्पादों की खरीद का विरोध
किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि सहकारी समितियों और कुछ बिक्री केंद्रों पर किसानों को खाद के साथ नैनो यूरिया और अन्य उत्पाद खरीदने के लिए दबाव डाला जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह व्यवस्था उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। किसानों ने मांग की है कि खाद वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उत्पाद खरीदने की स्वतंत्रता मिले। इस मुद्दे को भी सोमवार के विरोध प्रदर्शनों में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
किसान संगठनों ने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को खेती और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बताया है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण कृषि कार्य करना महंगा होता जा रहा है। किसानों ने इन कीमतों में तत्काल राहत देने की मांग की है।
इसके साथ ही किसानों ने विभिन्न राज्यों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर किसानों की सहमति के बिना जमीन अधिग्रहित की जा रही है। किसान संगठन इस प्रक्रिया को रोकने और किसानों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग कर रहे हैं।
पंजाब के विभिन्न जिलों में होंगे प्रदर्शन
अमृतसर जिले में सबसे अधिक 12 स्थानों पर प्रदर्शन प्रस्तावित हैं, जिनमें गोल्डन गेट, जंडियाला गुरु, मेहता चौक और अजनाला जैसे क्षेत्र शामिल हैं। होशियारपुर और कपूरथला में 8-8 स्थानों पर, जबकि मोगा में भी 8 जगहों पर किसान विरोध कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
फिरोजपुर, गुरदासपुर, बठिंडा, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, श्री मुक्तसर साहिब, पठानकोट, फाजिल्का और रोपड़ सहित अन्य जिलों में भी निर्धारित स्थानों पर किसान एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। कई जिलों में डीसी कार्यालयों, टोल प्लाजा और प्रमुख चौकों को प्रदर्शन स्थल बनाया गया है।
आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ईंधन कीमतों में राहत देने और किसानों की जमीनों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। पंधेर ने कहा कि आने वाले दिनों में किसान संगठन अपने अगले कार्यक्रमों की घोषणा भी कर सकते हैं। उन्होंने सरकारों से किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद और नीतिगत फैसलों के माध्यम से करने की अपील की है।