Weather Update: पंजाब-चंडीगढ़ में फिर लौटी हीटवेव, बठिंडा सबसे गर्म, मौसम विभाग ने 11 जून तक येलो अलर्ट किया जारी
Jun 08, 2026 9:36 AM
चंडीगढ़: पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। करीब 11 दिन की राहत के बाद 8 जून से राज्य में हीटवेव का नया दौर शुरू हो गया है, जिसके 11 जून तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ मौसम केंद्र ने इस स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राज्य के अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
राजस्थान सीमा से सटे जिलों में लू का असर
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार 8 जून को राजस्थान से सटे पंजाब के चार जिलों फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं और तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो पर्याप्त पानी पीने, सिर ढकने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
गर्मी बढ़ते ही बिजली की मांग में उछाल
राज्य में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ने लगी है। रविवार को दोपहर से शाम तक बिजली की मांग करीब 12 हजार मेगावाट के आसपास पहुंच गई। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य शीतलन उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण मांग में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 5216 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया, जबकि 6603 मेगावाट बिजली केंद्र से प्राप्त की गई। बिजली निगम का कहना है कि फिलहाल राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है और मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है।
मौसम प्रणाली में बदलाव का असर
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से लगभग डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं समुद्र तल पर सक्रिय मौसमी ट्रफ, जो पहले श्रीगंगानगर से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ था, अब कमजोर पड़ गया है।
इसके अलावा जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्रों पर बना पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर होकर उत्तर-पूर्व दिशा की ओर आगे बढ़ गया है। पंजाब और आसपास के इलाकों से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक फैला ट्रफ भी कमजोर पड़ा है, जिसके कारण फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित बनी हुई हैं और गर्मी का प्रभाव बढ़ रहा है।
11 जून से सक्रिय हो सकता है नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और पंजाब के कुछ हिस्सों में राहत मिलने के संकेत हैं। यह प्रणाली सक्रिय होने के बाद तापमान वृद्धि की रफ्तार पर असर डाल सकती है। हालांकि उससे पहले अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का असर बना रहने की संभावना है। इसलिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
13 जून तक बारिश और तेज हवाओं के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 11 से 13 जून के बीच पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं 8 जून से 11 जून के बीच राज्य के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। ऐसे में बठिंडा, मानसा, फाजिल्का और मुक्तसर सहित दक्षिण-पश्चिम पंजाब के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।