Punjab Update: पंजाब-चंडीगढ़ में हीटवेव का कहर, बठिंडा में 46.8°C तापमान, 11 जून से बारिश और ओलावृष्टि के आसार
Jun 10, 2026 9:33 AM
Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में लू जैसी स्थिति बनी हुई है। विभाग ने चंडीगढ़ और पंजाब के नौ जिलों के लिए हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य का औसत तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। बठिंडा में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान की सीमा से लगे फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर जिलों में हीटवेव की स्थिति अधिक गंभीर रह सकती है। इन इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है और दिन के समय गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। अधिकांश जिलों में तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। गर्मी का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम जनजीवन और बिजली खपत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिनभर चल रहे एयर कंडीशनर, कूलर और सिंचाई कार्यों ने बिजली की मांग को तेजी से बढ़ाया है।
बिजली की मांग ने तोड़ा सीजन का रिकॉर्ड
राज्य में 9 जून को बिजली की मांग 15,500 मेगावाट तक पहुंच गई। यह इस वर्ष की सबसे अधिक मांग मानी जा रही है। इससे पहले 21 मई को अधिकतम मांग 14,238 मेगावाट दर्ज की गई थी। अधिकारियों के अनुसार धान सीजन की शुरुआत और स्कूलों की छुट्टियों के कारण घरों में बढ़ी बिजली खपत इसकी प्रमुख वजह है। ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 5,000 मेगावाट रही, जबकि शेष बिजली केंद्रीय पूल से प्राप्त की गई। बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सरकारी स्तर पर भी उठाए गए कदम
भीषण गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 15 जुलाई तक सरकारी कार्यालयों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया है। वहीं स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 30 जून तक जारी रहेंगी और शिक्षण संस्थान 1 जुलाई से खुलेंगे। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को लू से बचाव के लिए लगातार सलाह जारी कर रहा है। विशेषज्ञों ने दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब में अभी मानसून नहीं पहुंचा है, लेकिन 11 जून से पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के प्रभाव से मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है। इसके चलते कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पंजाब में मानसून जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंच सकता है। हालांकि इसकी गति आगामी मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद तापमान में कुछ कमी आने की उम्मीद है।
12 से 14 जून के बीच बारिश और तूफान के संकेत
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार अगले दो दिन ट्राईसिटी क्षेत्र में भी लू की स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद 12, 13 और 14 जून के दौरान एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बारिश, आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि कई जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। विभाग ने विभिन्न जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।
11 जून को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। 12 जून को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली सहित कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का मानना है कि यह बदलाव प्रदेश को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत दे सकता है।