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अमृतसर के भिंडी सैदा थाने पर ग्रेनेड हमले के पीछे आईएसआई का हाथ, छह गिरफ्तार : पंजाब डीजीपी

Apr 14, 2026 9:29 AM

चंडीगढ़: पंजाब के अमृतसर जिले के भिंडी सैदा पुलिस थाने पर पिछले महीने हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त था। यह घटना 29 और 30 मार्च की दरमियानी रात को थाना परिसर में हुई थी। इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ था। डीजीपी यादव ने सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर जिला ग्रामीण पुलिस ने फरीदकोट जिला पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में भिंडी सैदा थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से दो पिस्तौल बरामद की गई हैं।"

डीजीपी ने कहा, "प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की आईएसआई का समर्थन प्राप्त था।" उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी विदेश से काम कर रहे एक पाकिस्तानी आका के संपर्क में थे, जो पंजाब में आतंकी गतिविधियों को निर्देशित कर रहा था। यादव ने कहा, "29-30 मार्च की दरमियानी रात को आरोपियों ने हथगोले हासिल किए, रेकी की और हमले को अंजाम दिया। इस मॉड्यूल को वैचारिक रूप से कट्टर बनाया गया था और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए प्रेरित किया गया था। हमले को अंजाम देने के बदले उन्हें भारी वित्तीय इनाम का लालच दिया गया था।" पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

यादव ने कहा कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इसके आगे-पीछे के संपर्कों का पता लगाने के लिए की जांच जारी है। पंजाब पुलिस के बयान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलजीत सिंह, प्रभ सिंह, राजबीर सिंह, सुखप्रीत सिंह, अजयदीप सिंह उर्फ गजनी और साहिब सिंह उर्फ सबा के रूप में हुई है। ये सभी अमृतसर के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) संदीप गोयल ने बताया कि जांच में पता चला है कि बलजीत और प्रभ सिंह ने घरिंडा के पास एक स्थान से दो हैंड ग्रेनेड प्राप्त किए थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों से बड़ी रकम का वादा किया गया था, लेकिन हमले के बाद पाकिस्तानी आका ने उन्हें बहुत कम राशि दी। 

अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुहैल कासिम मीर ने बताया कि घटना के दिन बलजीत, प्रभ और राजबीर मोटरसाइकिल से भिंडी सैदा थाने की ओर बढ़े। उन्होंने थाना परिसर से करीब 1-2 किलोमीटर दूर खेतों में अपना वाहन खड़ा किया और पैदल ही थाने के पिछले हिस्से तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि बलजीत और प्रभ ने ग्रेनेड फेंके, जबकि राजबीर ने पूरी घटना का वीडियो बनाया। हमले के बाद आरोपी करीब तीन-चार घंटे तक गेहूं की फसल की ओट में छिपे रहे। एसएसपी फरीदकोट डॉ प्रज्ञा जैन ने बताया कि गोपनीय जानकारी के आधार पर संचालित किए गए अभियान में पहले दो आरोपियों को फरीदकोट से गिरफ्तार किया गया। बाद में पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर चार अन्य आरोपियों को अमृतसर से पकड़ा गया।

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