Punjab News: शंभू रेलवे ट्रैक ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा एक्शन, बाबा बेअंत गिरफ्तार कर 8 दिन के रिमांड पर
Jun 16, 2026 3:27 PMपटियाला: पंजाब के पटियाला जिले के शंभू-राजपुरा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 27 अप्रैल 2026 को हुए रेलवे ट्रैक ब्लास्ट मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हाथों में है। मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद एजेंसी ने गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत को प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पहले से पटियाला जेल में बंद था। मोहाली स्थित विशेष NIA अदालत में पेशी के बाद एजेंसी को उसका 8 दिन का रिमांड मिला है। जांच एजेंसियों का फोकस अब कथित विदेशी हैंडलरों, मॉड्यूल के नेटवर्क और पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने पर है।
अदालत में NIA ने दलील दी कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। एजेंसी का कहना है कि मामले में पाकिस्तान, मलेशिया और अन्य विदेशी हैंडलरों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। इसी वजह से आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक है। एजेंसी का मानना है कि पूछताछ से न केवल शंभू ब्लास्ट बल्कि उससे जुड़े अन्य मामलों की भी अहम जानकारी सामने आ सकती है। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद आरोपी को रिमांड पर भेज दिया, जिससे जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया।
धमाके वाली रात क्या हुआ था
जांच के अनुसार मुख्य आरोपी जगरूप सिंह उर्फ रूपा और उसका साथी गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत 27 अप्रैल की रात शंभू के निकट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों वहां आईईडी लगाने की कोशिश कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विस्फोटक को सक्रिय करते समय समय से पहले धमाका हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जगरूप सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गुरजिंदर सिंह कुछ दूरी पर होने के कारण बच निकला और घटनास्थल से फरार हो गया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन बड़ी घटनाओं के बीच जुड़े तार
पंजाब पुलिस की जांच में यह दावा किया गया है कि शंभू रेलवे ट्रैक ब्लास्ट, सरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और मोगा में CIA कार्यालय पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के पीछे एक ही मॉड्यूल सक्रिय था। जांच एजेंसियां इन घटनाओं के बीच संबंधों की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं। जांच के मुताबिक 7 नवंबर 2025 को मोगा में CIA स्टाफ कार्यालय पर हमला हुआ था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को सरहिंद के पास रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट हुआ, जिससे ट्रेन इंजन को नुकसान पहुंचा। 27 अप्रैल 2026 को शंभू रेलवे ट्रैक पर हुआ विस्फोट इसी श्रृंखला की तीसरी बड़ी घटना माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों ने इस मामले में कई आरोपियों को हिरासत में लिया है। गुरजिंदर सिंह की गिरफ्तारी को जांच में अहम सफलता माना जा रहा है क्योंकि वह कथित तौर पर मुख्य आरोपी जगरूप सिंह का करीबी सहयोगी था। पंजाब पुलिस ने पहले भी इस मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क की संरचना, संचालन और कथित विदेशी संपर्कों के बारे में और जानकारी मिल सकती है।
हथियार और विस्फोटकों का जखीरा बरामद
जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG), हैंड ग्रेनेड, आईईडी, पिस्टल और अन्य उपकरण शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन बरामदगियों से यह संकेत मिला है कि मॉड्यूल के पास गंभीर हमलों को अंजाम देने की क्षमता थी। बरामद हथियारों और विस्फोटकों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि उनके स्रोत और उपयोग के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद हथियारों की खेप कथित तौर पर ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भेजी गई हो सकती है। इस पहलू की भी गहन जांच की जा रही है। NIA और पंजाब पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने की साजिश कैसे तैयार की गई, इसमें कौन-कौन शामिल था और विदेशी नेटवर्क की भूमिका कितनी व्यापक थी। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच से मामले में और खुलासे होने की संभावना है।