नवजोत कौर सिद्धू ने की एक नए राजनीतिक दल बनाने की घोषणा, कांग्रेस से निष्कासन के दो महीने बाद लिया फैसला
Apr 07, 2026 12:32 PM
अमृतसर: पंजाब की राजनीति में एक नया घटनाक्रम सामने आया है, जहां पंजाब कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने अपना नया राजनीतिक दल ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ बनाने की घोषणा की है। यह घोषणा उन्होंने सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर की। कांग्रेस से बाहर किए जाने के करीब दो महीने बाद कौर ने यह कदम उठाया है, जिसे राज्य में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर की औपचारिक घोषणा
नवजोत कौर सिद्धू ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इसे “बहुप्रतीक्षित घोषणा” बताया। उन्होंने अपनी नई पार्टी के बैनर के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह एक अन्य व्यक्ति के साथ नजर आ रही हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद एक राष्ट्रीय स्तर के नए विकल्प पर काम किया जा रहा है।
निष्कासन के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
कौर को पहले पंजाब कांग्रेस ने निलंबित किया था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर 500 करोड़ रुपये का आरोप लगाया था। इस बयान ने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद उन्होंने लगातार कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की आलोचना की, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
भाजपा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
नवजोत कौर सिद्धू का राजनीतिक करियर भाजपा से शुरू हुआ था। वह 2012 में अमृतसर पूर्व सीट से विधायक चुनी गई थीं और उन्होंने मुख्य संसदीय सचिव (स्वास्थ्य) के रूप में भी काम किया। बाद में 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले वह अपने पति नवजोत सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस में शामिल हो गई थीं।
कांग्रेस नेतृत्व पर लगातार हमले
कांग्रेस से दूरी बढ़ने के बाद कौर ने पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर तीखे हमले किए। उन्होंने वडिंग को राज्य इकाई को नुकसान पहुंचाने वाला नेता बताया और उन्हें अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष तक कहा। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी पर भी कई बार सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए, जिससे पार्टी के साथ उनका टकराव और बढ़ गया।
आगे की राजनीतिक दिशा पर नजर
नए दल की घोषणा के बाद अब यह देखना अहम होगा कि नवजोत कौर सिद्धू अपनी पार्टी को किस तरह संगठित करती हैं और पंजाब की राजनीति में कितना प्रभाव डाल पाती हैं। राज्य में पहले से कई मजबूत राजनीतिक दल मौजूद हैं, ऐसे में नए दल के लिए अपनी जगह बनाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।