पंजाब में मौसम का यू-टर्न: तेज बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, अगले 3 दिन मिलेगी भीषण गर्मी से राहत
May 30, 2026 10:04 AM
पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में शनिवार सुबह मौसम ने करवट ले ली, जिससे पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पठानकोट में सुबह-सुबह अचानक तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, जिसके बाद शुरू हुआ मूसलधार बारिश का दौर थमा नहीं है। तेज बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं, राजधानी चंडीगढ़ में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई। मोहाली और जालंधर में सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
अमृतसर में आंधी का तांडव, मौसम विभाग ने दी 13 जिलों को चेतावनी
सीमावर्ती जिले अमृतसर में सुबह से ही धूल भरी तेज आंधी चल रही है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर के कई हिस्सों में पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। अमृतसर और आसपास के इलाकों में लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने अगले दो घंटों के भीतर ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला) समेत पंजाब के 13 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, रूपनगर, लुधियाना, कपूरथला, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, गुरदासपुर और पठानकोट शामिल हैं, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जताया घने कोहरे का अनुमान, जारी किया हेल्पलाइन नंबर
मौसम के इस बदले मिजाज के बीच पंजाब स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने एक हैरान करने वाली चेतावनी जारी की है। अथॉरिटी के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कई हिस्सों में अचानक बहुत घना कोहरा छा सकता है। मौसम की इस अनिश्चितता को देखते हुए विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी आपातकालीन स्थिति या हादसे की सूरत में मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर तुरंत कॉल करने को कहा गया है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: 4 जून तक मिलेगी गर्मी से राहत, फिर बढ़ेगा तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस समय उत्तर भारत में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ ही पाकिस्तान से लेकर राजस्थान और अरब सागर तक एक कम दबाव का क्षेत्र (ट्रफ लाइन) बना हुआ है, जो निचले स्तर पर हवाओं को अस्थिर कर रहा है। इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों के भीतर पंजाब और चंडीगढ़ के अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं खींचने वाली है। 4 जून के बाद मौसम एक बार फिर साफ होगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
केरल में अटका मानसून, अल-नीनो बिगाड़ेगा पंजाब में बारिश का गणित
एक तरफ जहां उत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्य मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान इस बार फेल साबित हुआ और मानसून केरल के तट से महज 30-35 किलोमीटर दूर पिछले 5 दिनों से अटका हुआ है। इसके अगले दो-तीन दिनों तक आगे बढ़ने के आसार नहीं दिख रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल पंजाब में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और यहां लंबी अवधि के औसत की सिर्फ 90% बारिश होने का अनुमान है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में सक्रिय अल-नीनो के प्रभाव को मुख्य वजह माना जा रहा है।
मालवा के कृषि बेल्ट में कम बारिश की आशंका, गहरा सकता है संकट
अल-नीनो के असर से मानसूनी हवाओं का पैटर्न प्रभावित होने के कारण पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का असमान वितरण देखने को मिलेगा। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर जैसे पहाड़ी इलाकों से सटे उत्तरी और पूर्वी जिलों में तो मानसून सामान्य रहेगा, लेकिन सूबे के मुख्य कृषि बेल्ट यानी मालवा के जिलों की चिंता बढ़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर में इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है, जिससे धान की बुआई और किसानों की सिंचाई लागत पर सीधा असर पड़ सकता है।
बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर, सरकारी दफ्तरों का समय बदला
भले ही आज मौसम में तरावट आई है, लेकिन पिछले दिनों पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण पंजाब में बिजली का संकट गहराने लगा था। राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड 12,487 मेगावाट तक पहुंच गई, जिसे पूरा करने के लिए सरकार को केंद्रीय पूल से 6,911 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। हालांकि, पावर कॉर्पोरेशन ने साफ किया है कि थर्मल प्लांटों में कोयले की कोई कमी नहीं है। वहीं, लू और गर्मी को देखते हुए राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों का समय बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कर दिया है, जबकि स्कूलों में 2 जून से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियों का एलान पहले ही किया जा चुका है।