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Punjab News: पंजाब में कल होंगे आठ नगर निगमों में मेयर पद के चुनाव, पांच में AAP और एक में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत

Jun 08, 2026 3:52 PM

चंडीगढ़: पंजाब की आठ नगर निगमों में हुए चुनावों के बाद अब मंगलवार को मेयर पद के लिए मतदान होना है। बरनाला, बठिंडा, बटाला, मोगा और मोहाली नगर निगमों में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं अबोहर नगर निगम में भाजपा और कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। दूसरी ओर पठानकोट नगर निगम में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के कारण राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मेयर चुनाव से पहले विभिन्न नगर निगमों में दावेदारों और पार्षदों की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

मोहाली नगर निगम में मेयर पद के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं। सबसे प्रमुख दावेदारों में विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना का नाम शामिल है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि लगभग 22 पार्षद हिमाचल प्रदेश में हैं और उनके मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये पार्षद सीधे शपथ ग्रहण और मेयर चुनाव के समय मोहाली पहुंचेंगे।

दूसरी ओर पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनी अहलूवालिया भी संभावित दावेदारों में गिने जा रहे हैं। इसके अलावा दूसरी बार पार्षद बनीं गुरमीत कौर और वरिष्ठ पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी का नाम भी मेयर पद की दौड़ में शामिल बताया जा रहा है। ऐसे में मोहाली का चुनाव सबसे अधिक दिलचस्प माना जा रहा है।

पठानकोट में गठबंधन की संभावनाओं पर नजर

पठानकोट नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में मेयर चुनाव को लेकर जोड़-तोड़ और राजनीतिक संपर्क लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद को लेकर दोनों दलों के बीच समझौते की संभावना जताई जा रही है। भाजपा भी बहुमत जुटाने के प्रयासों में लगी हुई है। पार्टी को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल तीन अतिरिक्त पार्षदों की आवश्यकता बताई जा रही है। वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन होने की स्थिति में मेयर चुनाव का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।

बटाला में आम आदमी पार्टी की स्थिति मजबूत

बटाला नगर निगम में कुल 50 वार्ड हैं और बहुमत के लिए 26 सीटों की जरूरत होती है। आम आदमी पार्टी ने 30 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। ऐसे में यहां मेयर पद पर पार्टी का कब्जा लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि चुनाव परिणामों में एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी देखने को मिला। विधायक अमनशेर सिंह शेरी कलसी के भाई अमृतपाल सिंह और बहन उत्तमगीत को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। दोनों को कांग्रेस उम्मीदवारों ने पराजित किया। इसके बाद अब पार्टी को अपने विजयी पार्षदों में से ही मेयर उम्मीदवार चुनना होगा।

बठिंडा में पहली बार चुनाव लड़कर हासिल की बड़ी जीत

बठिंडा नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार सभी 50 वार्डों में उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी ने 35 सीटों पर जीत दर्ज कर निगम में मजबूत बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि अन्य सीटों पर निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार विजयी रहे। मेयर पद के लिए पूर्व मेयर और वार्ड-46 के पार्षद परमनजीत मेहता का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने और उनके परिवार ने सक्रिय भूमिका निभाई। बूथ प्रबंधन से लेकर उम्मीदवारों के चुनावी कार्यक्रमों तक उनकी भागीदारी चर्चा में रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बठिंडा में मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, लेकिन आम आदमी पार्टी का मेयर बनना लगभग तय है।

पंजाब की आठ नगर निगमों में होने वाले मेयर चुनाव केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य की राजनीतिक दिशा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जिन नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत है वहां औपचारिक प्रक्रिया बाकी है, जबकि पठानकोट और कुछ अन्य क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण अंतिम समय तक बदल सकते हैं। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के चुनाव के साथ ही नगर निगमों में नई प्रशासनिक व्यवस्था का गठन होगा। ऐसे में मंगलवार का दिन पंजाब की स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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