पंजाब में गर्मी का तांडव: फरीदकोट में पारा 42.6 डिग्री पार, सोमवार से 5 दिनों तक चलेगी भीषण लू
May 17, 2026 10:58 AM
पंजाब। मई का महीना आधा बीतते ही पंजाब की आबोहवा पूरी तरह बदल गई है। सूरज की सीधी और तीखी किरणों ने मैदानी इलाकों को भट्टी की तरह तपाना शुरू कर दिया है। शनिवार को सूबे के अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की सीधी छलांग देखने को मिली, जिसके चलते मालवा पट्टी के फरीदकोट में पारा 42.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके ठीक पीछे बठिंडा रहा, जहां तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के वक्त चलने वाली गर्म हवाओं के कारण अब लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर कदम रख रहे हैं।
सोमवार से पांच दिन का यलो अलर्ट, 5 डिग्री तक और चढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के ताजा अनुमान ने पंजाब के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। विभाग ने सोमवार से लगातार पांच दिनों के लिए पूरे सूबे में भीषण लू यानी हीट वेव का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले हफ्ते में वातावरण में खुश्की बढ़ेगी, जिससे मौजूदा तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस का और उछाल आ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पंजाब के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार भी जा सकता है। फिलहाल रात का औसतन न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जिसमें अमृतसर 22.8 डिग्री और रूपनगर सबसे ठंडा 20.2 डिग्री सेल्सियस पर रिकॉर्ड किया गया।
पंजाब के प्रमुख शहरों के तापमान की स्थिति
शनिवार को दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, पटियाला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री, लुधियाना में 39.8 डिग्री और फाजिल्का में 39.0 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, सीमावर्ती जिलों अमृतसर में 38.2 डिग्री, गुरदासपुर में 38.0 डिग्री और फिरोजपुर में 37.2 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। कंडी क्षेत्र के होशियारपुर में तापमान 36.7 डिग्री रहा, जो फिलहाल राज्य में सबसे कम है। हालांकि, मौसम विभाग का साफ कहना है कि सोमवार से इन सभी जिलों में गर्मी का प्रकोप एक समान रूप से बढ़ने वाला है।
मौसम विभाग की एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें
आने वाले संकट को देखते हुए स्वास्थ्य और मौसम विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों के लिए बचाव के तरीके साझा किए हैं। दोपहर के समय जब धूप सबसे तीखी होती है, तब अकारण बाहर निकलने से बचने का सुझाव दिया गया है। शरीर को डीहाइड्रेशन से बचाने के लिए लगातार पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है। बाहर जाते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर को छतरी, टोपी या सूती कपड़े से ढकने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, तेज धूप का असर फसलों पर न पड़े, इसके लिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल सुबह के शुरुआती घंटों में या फिर सूरज ढलने के बाद ही खेतों में पानी लगाएं।