Punjab Weather: चंडीगढ़ समेत पंजाब में आज से14 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट, 10 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना
Jun 11, 2026 9:30 AM
Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए 14 जून तक बारिश, तेज आंधी और कई इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को भी ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में अगले तीन घंटे के दौरान बारिश की संभावना जताई गई। मोहाली में सुबह से ही कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली।
चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में केवल 0.1 डिग्री सेल्सियस का मामूली बदलाव दर्ज किया गया, लेकिन तापमान अभी भी सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 46.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
10 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूरे पंजाब में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है, लेकिन कुछ जिलों में ओलावृष्टि का खतरा अधिक बताया गया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), कपूरथला, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब प्रमुख रूप से शामिल हैं। विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं और ओलों से फसलों, पेड़ों और बिजली ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसा में आंधी बनी हादसे की वजह
मंगलवार शाम मानसा जिले के लल्लूआणा रोड पर तेज आंधी के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। लोहे का एक बड़ा गेट दीवार समेत गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 9 वर्षीय दिलशान इंसां की मौत हो गई। वह अपने दादा के साथ दूध लेने जा रहा था, तभी मौसम अचानक खराब हो गया। परिजनों के अनुसार दादा ने बच्चे को सड़क के दूसरी तरफ रुकने के लिए कहा था, लेकिन उसी समय गेट गिर गया। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला दिलशान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
भीषण गर्मी से बिजली की मांग में उछाल
पंजाब में गर्मी का असर बिजली खपत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार रात आठ बजे बिजली की मांग 14,364 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि दिन के समय यह आंकड़ा 14,500 मेगावाट से अधिक पहुंच गया। राज्य में लगभग 5,300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा था और करीब 2,800 मेगावाट बिजली केंद्र से खरीदी गई। बढ़ती मांग के कारण कई शहरों में दिन के समय बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आईं। ऊर्जा विभाग लगातार मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
हीट स्ट्रोक को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सलाह
मोहाली की सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जिले के लोगों के लिए हीट स्ट्रोक संबंधी एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती गर्मी और गर्म हवाएं शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकती हैं, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी। चक्कर आना, तेज बुखार, अत्यधिक प्यास, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और त्वचा का गर्म व सूखा हो जाना हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण बताए गए हैं।
पंजाब में अभी नहीं पहुंचा मानसून
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ रहा है और अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। हालांकि पंजाब में अभी मानसून का प्रवेश नहीं हुआ है। इसके बावजूद पंजाब से बिहार तक बने मौसम तंत्र और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रहेगा। इसी वजह से बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान
12 जून को पंजाब के सभी 22 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
13 जून को पठानकोट, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर, रूपनगर, पटियाला, मोहाली, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
14 जून को भी इन्हीं जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।