पंजाब में पेट्रोल पंपों पर सप्लाई संकट, कई पंप ड्राई होने की कगार पर, पंप डीलर्स बोले- एडवांस भुगतान के बाद भी नहीं मिल रहा तेल
May 21, 2026 1:43 PM
चंडीगढ़: पंजाब में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर संकट गहराता दिखाई दे रहा है। राज्य के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक तेजी से घट रहा है और कई जगहों पर पंप ड्राई होने जैसी स्थिति बन चुकी है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (PPDAP) ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्य के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां समय पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई नहीं दे रही हैं। साथ ही डीलरों पर सामान्य ईंधन से लगभग 10 रुपए महंगा प्रीमियम पेट्रोल खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह के अनुसार हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के आउटलेट्स पर सबसे ज्यादा दिक्कत सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में इन कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। परमजीत सिंह ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने स्थिति को कुछ हद तक संभाल रखा है और उनके पंपों पर कम ड्राई-आउट देखने को मिल रहे हैं। लेकिन HPCL और BPCL के डीलरों को लगातार सप्लाई संकट का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक पेट्रोल और डीजल खत्म रहने की शिकायतें मिल रही हैं।
एडवांस भुगतान के बावजूद सप्लाई नही, प्रीमियम पेट्रोल खरीदने का दबाव
एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोल पंप डीलर कैश एंड कैरी मॉडल के तहत पहले से ही अपने बैंक खातों में भुगतान की पूरी रकम रखते हैं। यह व्यवस्था वेस्ट एशिया संकट के बाद लागू की गई थी ताकि सप्लाई प्रभावित न हो। इसके बावजूद कंपनियों की ओर से समय पर ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। डीलरों का आरोप है कि कई बार ऑर्डर देने के बाद भी टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे। इससे पंजाब के कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक का स्तर तेजी से नीचे आ गया है। डीलर्स का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने तेल कंपनियों पर डीलरों को महंगे प्रीमियम ग्रेड फ्यूल खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। परमजीत सिंह के मुताबिक HPCL अपने “POWER” पेट्रोल को सप्लाई प्रक्रिया का हिस्सा बना रही है। इसी तरह IOCL और BPCL के डीलरों को भी प्रीमियम उत्पाद लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं। डीलरों का कहना है कि प्रीमियम पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से लगभग 10 रुपए प्रति लीटर ज्यादा है। यदि वे इसे खरीदते हैं तो इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। एसोसिएशन ने इसे अनुचित बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
रविवार और छुट्टियों में बंद रहने लगे डिपो
परमजीत सिंह ने बताया कि फरवरी 2026 से पहले तेल डिपो रविवार और छुट्टियों में भी खुले रहते थे ताकि पेंडिंग ऑर्डर पूरे किए जा सकें। इससे सप्लाई लाइन सुचारू बनी रहती थी। लेकिन अब कई डिपो छुट्टियों में बंद रहने लगे हैं, जिससे सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में पेट्रोल पंप संचालकों और आम जनता दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने चीफ सेक्रेटरी से मांग की है कि तेल कंपनियों को तुरंत सप्लाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जाएं।
ड्राई होने को लेकर अलग-अलग परिभाषाएं
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि कंपनियों और पेट्रोल पंप मालिकों के बीच “ड्राई” शब्द की परिभाषा अलग-अलग है। उनके मुताबिक जब किसी पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक में करीब 4 हजार लीटर पेट्रोल या डीजल बचता है तो पंप मालिक उसे ड्राई मानने लगते हैं। उन्होंने बताया कि टैंक में लगी एसडीपी मोटर इतनी कम मात्रा में बचा ईंधन बाहर नहीं निकाल पाती। इसलिए यह स्टॉक तकनीकी रूप से उपयोग में नहीं आ पाता। हालांकि कंपनियां इसे उपलब्ध स्टॉक मानती हैं, लेकिन पंप संचालकों के लिए यह डेड स्टॉक होता है। इसी कारण कम स्टॉक की स्थिति में पंप मालिकों की चिंता बढ़ जाती है।
पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। कई गांवों और छोटे कस्बों के पेट्रोल पंपों पर लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इससे दिक्कत होने लगी है। डीलर्स का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में कई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।