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पंजाब के सस्पेंड डीआईजी भुल्लर की जमानत याचिका खारिज, भुल्लर ने कहा था- 'सेवा-पानी' का मतलब रिश्वत नहीं

Feb 16, 2026 11:30 AM

चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके चलते उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा। इससे पहले चंडीगढ़ की CBI अदालत भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।



मामला और आरोप

यह मामला कथित रिश्वतखोरी से जुड़ा है, जिसकी जांच CBI कर रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि भुल्लर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत की मांग और स्वीकार की। उनकी गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी थी, क्योंकि वह एक वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और प्रभावशाली परिवार से संबंध रखते हैं।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील एसपीएस भुल्लर ने दलील दी कि CBI ने चालान में रिश्वत के लिए जिस शब्द “सेवा-पानी” का उल्लेख किया है, उसका अर्थ केवल रिश्वत नहीं होता। वकील के अनुसार यह एक सामान्य बोलचाल का शब्द भी हो सकता है, इसलिए इसे सीधे तौर पर रिश्वत मान लेना उचित नहीं है।



गवाह और प्रक्रिया पर सवाल

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सेक्टर-9D, चंडीगढ़ में कथित घटना के समय केवल बिचौलिया, शिकायतकर्ता आकाश और CBI अधिकारी सचिन की लोकेशन दर्ज है। कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। साथ ही, गिरफ्तारी के समय पंजाब के किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना न देने पर भी सवाल उठाए गए।



केस में विरोधाभास का दावा

DIG के वकील ने कोर्ट में यह तर्क रखा कि दर्ज केस में समय, तारीख और स्थान का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। रिश्वत की राशि को लेकर भी दस्तावेजों में विरोधाभास बताया गया है, जहां कहीं एक लाख रुपये तो कहीं चार लाख रुपये का जिक्र सामने आया है।



अदालत का फैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत के फैसले के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल हरचरण सिंह भुल्लर को जेल में ही रहना होगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत ही मामले का अंतिम फैसला होगा।

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