Rajasthan Weather: राजस्थान के 29 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के आसार
Jun 18, 2026 10:39 AM
जयपुर: राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। राज्य में बैक-टू-बैक सक्रिय हो रहे मौसम तंत्रों के कारण कई जिलों में बारिश और आंधी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव अगले तीन दिनों तक दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिलेगा। विभाग ने 21 जून तक इस सिस्टम के असर बने रहने का अनुमान जताया है। मौसम में आए बदलाव के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और अधिकांश शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। राज्य में आज 29 जिलों के लिए आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई इलाकों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर रहेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार नया वेदर सिस्टम विशेष रूप से दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से उदयपुर संभाग, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी इन इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। लगातार बदलते मौसम ने गर्मी की तीव्रता को कम किया है और लोगों को राहत मिली है।
राजस्थान के कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान बाड़मेर, जैसलमेर और टोंक सहित कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान नीचे आया है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जोधपुर में 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बीकानेर में 38.2 और श्रीगंगानगर में 38.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान दौसा में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो 40 डिग्री के आंकड़े से नीचे रहा।
प्री-मानसून गतिविधियों से मिली राहत
लगातार आ रही आंधी और बारिश की गतिविधियों के कारण प्रदेश में भीषण गर्मी का असर कम हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून बारिश कृषि गतिविधियों और जल स्रोतों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में इस वर्ष मानसून सामान्य समय से थोड़ा विलंब से पहुंच सकता है। राज्य में मानसून प्रवेश की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इसके 25 जून के बाद पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि आगामी दिनों में मानसून की प्रगति और मौसम तंत्रों की स्थिति के आधार पर इसमें बदलाव भी संभव है। मौसम विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।
फिलहाल कहां पहुंचा है मानसून
वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा महाराष्ट्र के कुछ दक्षिणी हिस्सों से गुजरते हुए तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है और छत्तीसगढ़ सीमा के आसपास सक्रिय है। वहीं बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार, झारखंड और ओडिशा के मध्य भागों से होकर आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को इन क्षेत्रों से आगे बढ़ने में अभी चार से पांच दिन का समय लग सकता है। इसके बाद राजस्थान में मानसून की प्रगति की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।