खाटूश्याम मंदिर दर्शन अलर्ट: 19 घंटे बंद रहेंगे बाबा के कपाट, जानें क्या है सही समय
Apr 18, 2026 11:32 AM
राजस्थान। राजस्थान के सीकर जिले में विराजे बाबा खाटूश्याम के दर्शनों की इच्छा रखने वाले भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया गया है। यदि आप आगामी 22 या 23 अप्रैल को बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मंदिर कमेटी ने घोषणा की है कि विशेष सेवा-पूजा और तिलक प्रक्रिया के चलते बाबा श्याम के कपाट लगातार 19 घंटों के लिए बंद रखे जाएंगे। यह बंदी 22 अप्रैल की देर रात से शुरू होकर 23 अप्रैल की शाम तक जारी रहेगी। ऐसे में बिना जानकारी के खाटू नगरी पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को घंटों लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
इस समय तक बंद रहेंगे पट: मंदिर कमेटी ने जारी किया शेड्यूल
श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, 23 अप्रैल (गुरुवार) को बाबा श्याम की विशेष सेवा, पूजा और पारंपरिक तिलक का आयोजन किया जाना है। इस धार्मिक प्रक्रिया के चलते आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट 22 अप्रैल (बुधवार) को रात्रि 10 बजे से बंद कर दिए जाएंगे। यह बंदी अगले दिन यानी 23 अप्रैल को शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी। शाम 5 बजे के बाद ही विधिवत रूप से मंदिर के द्वार आम जनता के लिए खोले जाएंगे, जिसके बाद ही भक्त अपने आराध्य की एक झलक पा सकेंगे।
भक्तों की भीड़ और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता
खाटूधाम में हर रोज देश-दुनिया से हजारों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं। ऐसे में 19 घंटे की लंबी दर्शन बंदी के कारण खाटू नगरी में भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। मंदिर कमेटी और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर भीड़ प्रबंधन की तैयारी की है। भक्तों से विनम्र अपील की गई है कि वे 23 अप्रैल को शाम 5 बजे के बाद ही मंदिर परिसर की ओर रुख करें। इससे पहले पहुँचने पर भक्तों को बैरिकेड्स और विश्राम स्थलों पर रुकना पड़ सकता है, जिससे अनावश्यक परेशानी और थकान होने की संभावना है।
व्यवस्था में सहयोग की अपील: श्याम प्रेमियों के लिए खास निर्देश
'हारे का सहारा' के नाम से विख्यात बाबा श्याम की महिमा के चलते यहाँ हर पल 'जय श्री श्याम' की गूंज रहती है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान व्यवस्थाओं में पूरा सहयोग दें। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी यह जानकारी प्रसारित की जा रही है ताकि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को पहले ही मंदिर बंद होने की सूचना मिल जाए। भक्त अपनी बस, ट्रेन या निजी वाहनों की बुकिंग इसी समय-सारणी को ध्यान में रखकर करें ताकि उनकी आस्था और यात्रा में कोई विघ्न न पड़े।