Punjab News: लुधियाना कैबिनेट मंत्री संजय अरोड़ा के 26 घंटों से जारी है ED की रेड, ब्लैक मनी को वाइट में बदलने का आरोप
Apr 18, 2026 12:24 PM
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में कैबिनेट मंत्री संजय अरोड़ा के घर और उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी शुक्रवार सुबह 7 बजे शुरू हुई और 26 घंटे से अधिक समय से जारी है। यह कार्रवाई लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ के कुल 13 ठिकानों पर एक साथ की जा रही है। जांच में मंत्री के निजी आवास, दिल्ली स्थित सरकारी घर, कंपनियों के दफ्तर और करीबी सहयोगियों के ठिकानों को शामिल किया गया है।
लुधियाना में सुरक्षा के बीच जारी जांच
लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित मंत्री के आवास पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ED अधिकारियों ने घर के अंदर पूरी तरह से घेराबंदी कर रखी है और किसी भी व्यक्ति के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
इनसाइडर ट्रेडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत में संदिग्ध धन की राउंड-ट्रिपिंग से जुड़े मामले में की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि अवैध रूप से अर्जित धन को कंपनियों के माध्यम से वैध निवेश के रूप में दिखाया गया।
सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने दावा किया है कि संजीव अरोड़ा ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पंजाब में अवैध सट्टेबाजी संचालकों को संरक्षण दिया। आरोप है कि इन नेटवर्क्स से होने वाली कमाई का हिस्सा लिया गया और एंट्री ऑपरेटरों के जरिए उसे सफेद धन में बदला गया।
फर्जी बिलिंग और जीएसटी गड़बड़ी की जांच
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि मंत्री से जुड़ी कंपनियां फर्जी निर्यात बिल तैयार करने, UAE से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और गैर-मौजूद जीएसटी संस्थाओं से खरीदारी दिखाने जैसे मामलों में शामिल हो सकती हैं। इन वित्तीय लेनदेन की परतें खोलने के लिए एजेंसी दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
AAP ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत पार्टी के कई नेताओं ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। केजरीवाल ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया, जबकि भगवंत मान ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ऐसी कार्रवाइयां आम हैं।