Rajasthan News: सूबे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सरकार ने 25 आईएएस व नौ आईपीएस के तबादले किए
Mar 20, 2026 12:04 PM
जयपुर: राजस्थान सरकार ने जयपुर सहित पूरे राज्य में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 25 और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 9 अधिकारियों के तबादले किए हैं। यह आदेश कार्मिक विभाग की ओर से जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. सरवन कुमार को जयपुर का नया संभागीय आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं आईएएस पूनम को जयपुर के संभागीय आयुक्त पद से हटाकर महिला एवं बाल विकास विभाग में सचिव पद पर नियुक्त किया गया है।
जयपुर में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
जयपुर में इस फेरबदल के तहत अहम पदों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। वी. सरवन कुमार को संभागीय आयुक्त बनाकर प्रशासनिक नेतृत्व मजबूत करने का प्रयास किया गया है। वहीं पूनम को महिला एवं बाल विकास विभाग में नई जिम्मेदारी देकर विभागीय कार्यों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इस बदलाव का सीधा असर राजधानी के प्रशासनिक ढांचे पर पड़ेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां
आदेश के अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा का तबादला खान एवं पेट्रोलियम विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में किया गया है। इसके अलावा राजस्व मंडल के अध्यक्ष हेमंत गेरा को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में प्रमुख शासन सचिव बनाया गया है। इन बदलावों से विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कई विभागों में जिम्मेदारियों में बदलाव
सरकार के इस निर्णय के तहत कई अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों में पुनर्गठन किया गया है। अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए नई पोस्टिंग दी गई है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
आईपीएस अधिकारियों के भी तबादले
एक अलग आदेश में भारतीय पुलिस सेवा के 9 अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन किए गए हैं। इसके तहत जयपुर ग्रामीण, बाड़मेर, चूरू, झुंझुनू और सवाई माधोपुर में नए जिला पुलिस अधीक्षक नियुक्त किए गए हैं। इस कदम से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास किया गया है।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
राज्य सरकार का यह फैसला प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागीय कामकाज में सुधार लाने के उद्देश्य से लिया गया है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।