कुरुक्षेत्र किसान रैली: पिपली चौक पर भारी वाहनों की एंट्री बैन, घर से निकलने से पहले पढ़ें ट्रैफिक एडवाइजरी
Mar 22, 2026 12:47 PM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में एक बार फिर किसान आंदोलन की गूँज सुनाई देने वाली है। गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में होने वाली इस महापंचायत को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। पिपली अनाज मंडी और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े घेरे बनाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। रैली के दौरान शहर की रफ्तार न थमे, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने 'रूट डायवर्जन' का एक जटिल जाल बुना है, जिससे भारी वाहनों को शहर के बाहर ही रोककर वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जाएगा।
भारी वाहनों के लिए 'नो-एंट्री': जानें क्या है नया ट्रैफिक रूट
अगर आप कल नेशनल हाईवे-44 (जीडी रोड) या कुरुक्षेत्र के आसपास के रास्तों पर भारी वाहन लेकर निकलने वाले हैं, तो यह रूट मैप जरूर नोट कर लें:
चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर: अंबाला या शाहबाद की तरफ से दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों को शाहबाद से ही बाबैन, लाडवा, इंद्री और करनाल के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
दिल्ली से चंडीगढ़ की ओर: पानीपत और करनाल की ओर से आने वाला ट्रैफिक करनाल-इंद्री मार्ग से होते हुए लाडवा, बाबैन और शाहबाद के रास्ते चंडीगढ़ की तरफ जा सकेगा।
यमुनानगर और सहारनपुर रूट: यमुनानगर की ओर से पिहोवा या पंजाब जाने वाले वाहन लाडवा से कुरुक्षेत्र आने के बजाय बाबैन, शाहबाद और ठोल के रास्ते इस्माइलाबाद होकर निकलेंगे।
कैथल और पटियाला रूट: पंजाब और कैथल की ओर से आने वाले वाहनों को पिहोवा बाईपास (NH-152) से डायवर्ट कर इस्माइलाबाद और शाहबाद की ओर भेजा जाएगा।
'स्मार्ट पार्किंग' और नाकेबंदी: जाम से निपटने की तैयारी
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि पिपली चौक की तरफ आने वाले सभी लिंक रोड्स पर विशेष नाके लगाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के जवान न केवल वाहनों को गाइड करेंगे, बल्कि पार्किंग व्यवस्था को भी संभालेंगे ताकि रैली में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वजह से हाईवे जाम न हो। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से भी अनुरोध किया है कि वे आपातकालीन स्थिति के अलावा पिपली चौक की तरफ जाने से बचें और वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
किसानों की मांगें और प्रशासन की चुनौती
चढूनी ग्रुप की इस महापंचायत में फसलों के दाम, मुआवजे और अन्य लंबित मांगों पर चर्चा होनी है। चुनाव के मुहाने पर खड़े हरियाणा में किसानों की यह लामबंदी राजनीतिक और प्रशासनिक, दोनों ही लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे को सुचारू रखना है, क्योंकि पिपली चौक इस रूट का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। सभी भारी वाहनों को गांव कौल, निगदू और नीलोखेड़ी जैसे आंतरिक रास्तों से गुजारने की व्यवस्था की गई है ताकि मुख्य सड़कों पर दबाव कम रहे।