हिसार कृषि मेला 2026: मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे उद्घाटन, 42 प्रगतिशील किसानों का होगा सम्मान
Mar 22, 2026 1:27 PM
हिसार। हरियाणा की कृषि राजधानी कहे जाने वाले हिसार में कल से रौनक़ बढ़ने वाली है। एचएयू (HAU) के गेट नंबर-3 स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी कृषि उद्यमिता स्थल पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने खुद मेला परिसर का जायजा लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। इस बार मेले का मुख्य आकर्षण वे 42 प्रगतिशील किसान होंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री खुद सम्मानित करेंगे। ये वो किसान हैं जिन्होंने लकीर का फकीर बनने के बजाय मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और प्राकृतिक खेती जैसे क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए हैं।
250 स्टॉल और आधुनिक लैब: एक ही छत के नीचे मिलेगी हर जानकारी
मेले में इस बार तकनीक और व्यापार का संगम दिखेगा। कुल 250 स्टॉलों में से 165 निजी कंपनियों की होंगी, जो किसानों को नए बीज, खाद और कीटनाशकों की जानकारी देंगी। वहीं, विश्वविद्यालय और सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा 85 विशेष स्टॉल लगाए जा रहे हैं। किसानों के लिए सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि वे अपने साथ मिट्टी और पानी के नमूने ला सकते हैं, जिनकी जांच सामान्य शुल्क पर मौके पर ही कर दी जाएगी। इसके अलावा, रोगग्रस्त फसलों के निदान के लिए भी वैज्ञानिकों की विशेष टीम मौजूद रहेगी।
पांच राज्यों के किसान आएंगे, पार्किंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एचएयू का यह कृषि मेला केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहता। सह-निदेशक डॉ. सुनील ढांडा के मुताबिक, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए बालसमंद रोड और गेट नंबर-3 के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों को विश्वविद्यालय के रिसर्च फार्म का दौरा भी कराया जाएगा, जहां वे वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई फसलों को लाइव देख सकेंगे और नई तकनीकों को समझ सकेंगे।
विविधीकरण और स्वरोजगार पर जोर
इस बार सम्मानित होने वाले किसानों की सूची विविधता से भरी है। इसमें न केवल फसल उत्पादन, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूह (SHG), हर्बल साबुन निर्माण और बेकरी जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को भी जगह मिली है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहेंगे। मेले में हरियाणवी संस्कृति के रंग भी बिखरेंगे, जहां लोक कलाकार अपने गीतों के जरिए किसानों का मनोरंजन करेंगे और खेती के महत्व को बताएंगे।