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दिल्ली में प्रदर्शन की ड्यूटी कर घर लौट रहे झज्जर के जवान की कार में मौत, बंद थे सारे शीशे

Jun 08, 2026 2:58 PM

रोहतक। हरियाणा के रोहतक जिले में सांपला हाईवे के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब कनक ढाबे के सामने खड़ी एक आई-20 कार के भीतर दिल्ली पुलिस के एक जवान की लाश मिली। सोमवार सुबह करीब 7 बजे जब वहां से गुजर रहे राहगीरों ने कार के भीतर ड्राइविंग सीट पर एक शख्स को बेसुध पड़े देखा, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी इत्तला दी।

सांपला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो कार के दरवाजे अनलॉक थे लेकिन सभी शीशे पूरी तरह बंद थे। ड्राइविंग सीट को आराम करने की मुद्रा में पीछे की तरफ खिसकाया गया था। मृतक की जेब और गाड़ी में मिले दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान झज्जर के गांव आसौदा निवासी सुधीर (36) के रूप में हुई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते लगी थी भारी ड्यूटी, रात 11 बजे से बंद था फोन

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुधीर साल 2012 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे और फिलहाल आदर्श नगर थाने में तैनात थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के एक बड़े प्रदर्शन के मद्देनजर उनकी वीआईपी अरेंजमेंट में हैवी ड्यूटी लगी हुई थी। इस वजह से वह पिछले दो दिनों से घर नहीं आ पाए थे।

रविवार शाम को सुधीर ने अपने परिवार से फोन पर बात कर घर लौटने की बात कही थी, लेकिन रात 11 बजे के बाद अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया। पूरी रात बेचैन परिवार दिल्ली के थानों और सुधीर के दोस्तों को फोन मिलाता रहा, लेकिन कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। सुबह उनका शव घर से महज 10 किलोमीटर पहले हाईवे पर मिला।

शरीर पर चोट के निशान नहीं, दम घुटने या दिल का दौरा पड़ने की आशंका

मामले की जांच कर रहे अधिकारी विनोद कुमार और सांपला थाना प्रभारी प्रदीप ने बताया कि प्राथमिक दृष्टया सुधीर के शरीर पर किसी भी तरह के विजिबल चोट या कट्स के निशान नहीं मिले हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि थकावट के कारण सुधीर ने कार साइड में लगाकर शीशे बंद कर एसी चलाया होगा, जिससे गैस बनने या दम घुटने के कारण उनकी जान चली गई।

इसके अलावा अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। सुधीर के साले सहदेव, जो खुद दिल्ली पुलिस में हैं, उन्होंने बताया कि सुधीर शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट थे और उनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी। हालांकि, लंबी ड्यूटी का शारीरिक दबाव जरूर रहता है।

परिवार में अकेले कमाने वाले थे सुधीर, पीजीआई में होगा पोस्टमार्टम

सुधीर अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों (13 साल की बेटी आन्या और 6 साल का बेटा विहान) को छोड़ गए हैं। पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी, जिसके बाद पूरे घर की जिम्मेदारी सुधीर के कंधों पर ही थी। उनकी इस असामयिक मौत से पूरे आसौदा गांव में मातम पसरा हुआ है।

सांपला पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर रोहतक पीजीआई (PGI) के डेड हाउस भिजवा दिया है। जांच अधिकारी ने साफ किया है कि डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए जाने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने इत्तेफाकिया हादसे के तहत रपट दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

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