INLD Protest: हरियाणा में इनेलो का उग्र प्रदर्शन: रोहतक में एसपी से भिड़े विधायक अर्जुन चौटाला, बोले- 'दफा हो यहां से'
Jun 01, 2026 3:52 PM
रोहतक। महंगाई, बेरोजगारी और कथित प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के तेवरों ने सोमवार को हरियाणा के कई जिलों में कानून-व्यवस्था की परीक्षा ले ली। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थितियां रोहतक और सोनीपत में देखने को मिलीं, जहां प्रदर्शनकारियों और खाकी के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। रोहतक में इस पूरे आंदोलन की कमान खुद इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला संभाल रहे थे।
तय कार्यक्रम के मुताबिक जब इनेलो कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, तो पुलिस ने एहतियातन मुख्य द्वारों को भीतर से बंद कर दिया। करीब 15 मिनट तक कड़ी धूप में खड़े रहने और बार-बार संदेश भेजने के बाद भी जब डीसी सचिन गुप्ता ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए, तो विधायक अर्जुन चौटाला का पारा चढ़ गया।
"तेरे से बात नहीं कर रहा, दफा हो..." कैमरे में कैद हुआ विवाद
सचिवालय के बंद गेट पर हंगामा बढ़ता देख डीसी सचिन गुप्ता हालात संभालने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव राजपुरोहित को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के मुताबिक, जब एसपी ने बीच-बचाव करते हुए विधायक अर्जुन चौटाला को शांत करने की कोशिश की, तो मामला सुलझने की बजाय और बिगड़ गया।
आरोप है कि गुस्से में तमतमाए विधायक ने एसपी को दोटूक लहजे में कहा, "मैं तेरे से बात नहीं कर रहा।" विवाद यहीं नहीं थमा, उन्होंने कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए 'चल दफा हो' तक कह दिया। इसके बाद उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में डीसी की तरफ ज्ञापन उछाला और कहा, "पकड़ अपना ज्ञापन" और सहयोगियों के साथ वहां से रवाना हो गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोनीपत में बैलगाड़ी से आए प्रदर्शनकारी, बैरिकेड तोड़कर सचिवालय में घुसे
उधर सोनीपत की सड़कों पर विरोध का एक अलग ही रंग देखने को मिला, जहां इनेलो कार्यकर्ता पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ियों पर सवार होकर मिनी सचिवालय का घेराव करने पहुंचे। इन बैलगाड़ियों पर महंगाई और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ बड़े-बड़े पोस्टर-बैनर टांगे गए थे।
कैथल के चौराहों पर फूटे मटके, धूप में परेशान होते रहे बुजुर्ग
इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। कैथल के व्यस्त पिहोवा चौक पर इनेलो महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। सरकार की आर्थिक नीतियों को पूरी तरह फेल बताते हुए महिलाओं ने बीच सड़क पर मटके फोड़े और प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देने की कोशिश की कि अब आम आदमी का सब्र पूरी तरह टूट चुका है।
इनेलो के सोनीपत जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर जिला प्रशासन के अड़ियल रवैये को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा:
"हमारी पार्टी के लोग पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से सिर्फ अपनी बात रखने आए थे। लोकतंत्र में विपक्ष को ज्ञापन सौंपने का हक है, लेकिन इस प्रशासन ने तानाशाही की सारी हदें पार कर दीं। हमारे बुजुर्ग कार्यकर्ताओं और महिलाओं को कड़कड़ाती धूप में एक घंटे तक जानबूझकर तपाया गया। अगर कोई अधिकारी समय पर बाहर आ जाता, तो यह नौबत ही क्यों आती?"
शाम ढलने तक सचिवालय परिसरों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई थी, लेकिन इनेलो के इस उग्र प्रदर्शन ने सूबे की सियासत के तापमान को जरूर बढ़ा दिया है।