ऑनलाइन गेम में पैसे हारा तो बन गया आर्म्स सप्लायर, रोहतक में पकड़ा गया कॉलेज छात्र
Jun 20, 2026 10:44 AM
रोहतक। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की लत युवाओं को किस कदर अपराध के दलदल में धकेल रही है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला रोहतक में सामने आया है। रोहतक पुलिस की अपराध शाखा (सीआईए) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए विदेशी हथियारों की तस्करी करने वाले एक शातिर युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शहर की जनता कॉलोनी के रहने वाले कृत के रूप में हुई है, जो बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से चीनी और अन्य विदेशी तकनीक से बने घातक हथियार और आठ जिंदा कारतूस बरामद हुए।
सट्टे में हारे पैसे, तो विदेशी हैंडलर के जाल में फंसा
रोहतक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव राजपुरोहित ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी कृत कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन गेमिंग का आदी हो चुका था। इस लत के चक्कर में वह मोटी रकम हार गया। कर्ज के बोझ तले दबे कृत ने डर के मारे यह बात अपने घरवालों से छिपाए रखी। इसी दौरान पैसों की तंगी का फायदा उठाकर सरहद पार बैठे एक विदेशी ऑपरेटर ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। इस ऑपरेटर ने कृत को केवल हथियार एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने (ड्रॉप करने) का काम सौंपा, जिसके बदले उसे हर सफल डिलीवरी पर करीब एक लाख रुपये का लालच दिया गया था।
वर्चुअल नंबरों से आता था हुक्म, 20 से ज्यादा बार बदल चुका था ठिकाने
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के मोबाइल से दो विदेशी वर्चुअल नंबर मिले हैं। तस्करों का यह नेटवर्क पूरी तरह तकनीकी रूप से ऑपरेट हो रहा था। इन नंबरों पर कृत को गुप्त मैसेज आते थे कि हथियार किस सुनसान जगह से उठाने हैं और आगे कहां जाकर छिपाने हैं। कृत हथियार उठाकर बताए गए ठिकाने पर रख देता और फिर अगली लोकेशन के मैसेज का इंतजार करता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वह अब तक रोहतक और आसपास के जिलों में 20 से अधिक बार अवैध हथियारों की ऐसी ही खेप ठिकाने लगा चुका है।
मां सरकारी दफ्तर में चतुर्थ श्रेणी कर्मी, बेटे के कारनामों से परिवार अनजान
पकड़े गए आरोपी की पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उसकी मां एक सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी (क्लास फोर) कर्मचारी के पद पर तैनात हैं और परिवार मेहनत की कमाई से बेटे को कॉलेज पढ़ा रहा था। माता-पिता इस बात से पूरी तरह अनजान थे कि उनका बेटा पढ़ाई की आड़ में अंतरराष्ट्रीय लिंक वाले आर्म्स सिंडिकेट के लिए काम कर रहा है। फिलहाल अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। सीआईए की टीमें अब उन विदेशी नंबरों की कुंडली खंगालने और हरियाणा में इन हथियारों को खरीदने वाले स्थानीय बदमाशों (एंड-यूजर्स) का पता लगाने में जुट गई हैं।