Rohtak Teacher Suspended: छात्र प्रदर्शन में शामिल होने पर सरकारी स्कूल की टीचर सस्पेंड, आदेश में वजह गायब
Jun 12, 2026 12:14 PM
रोहतक। दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना रोहतक की एक शिक्षिका को भारी पड़ गया। रोहतक के एक सरकारी स्कूल में तैनात गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। जिला एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक, सुलेखा दलाल का निलंबन 8 जून से लागू माना जाएगा। सस्पेंशन के इस पूरे दौर में रोहतक ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का दफ्तर उनका हेडक्वार्टर रहेगा और वह बिना पूर्व अनुमति के शहर नहीं छोड़ सकेंगी। दिलचस्प बात यह है कि सरकारी आदेश में इस कड़ी कार्रवाई के पीछे की असली वजह को पूरी तरह गोल कर दिया गया है।
"अब मैदान में कॉकरोच की मां आ चुकी है..."
दरअसल, इस निलंबन के तार पिछले हफ्ते नई दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व वाले संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले हुए एक बड़े विरोध प्रदर्शन से जुड़े हैं। इस आंदोलन के दौरान सुलेखा दलाल का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो में वह बेहद आक्रामक अंदाज में कहती दिख रही हैं, "यह 'करो या मरो' की जंग है। अब मैदान में 'कॉकरोच की मां' उतर चुकी है। हम किसी खास गुट के मोहरे नहीं हैं, हम अपने बच्चों के हक के लिए खड़े हैं और एक मां पूरे देश की मां होती है।" उनके इसी बयान के बाद विभाग हरकत में आया।
"गुनाह तो बताते..." सस्पेंशन पर बिफरीं शिक्षिका
विभागीय कार्रवाई की खबर मिलने के बाद सुलेखा दलाल ने इस पर हैरानी जताई है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, "मैं पिछले कई सालों से पूरी ईमानदारी से पढ़ा रही हूं। मुझे कतई अंदाजा नहीं था कि बच्चों के हक की बात करने वहां जाने पर पाबंदी है। कम से कम कार्रवाई से पहले मुझे मेरा कसूर तो बताया जाना चाहिए था।" सुलेखा ने साफ किया कि उनके ग्रेजुएट बेटे ने एक सरकारी भर्ती परीक्षा दी थी, जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा, "एक प्रभावित छात्र की मां होने के नाते मैं वहां सिर्फ अपना दर्द बयां करने गई थी। मेरा किसी राजनीतिक एजेंडे से कोई लेना-देना नहीं है।"
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' का यह पूरा विवाद?
बता दें कि हरियाणा में गेस्ट टीचरों की नियुक्ति पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट यानी अनुबंध के आधार पर होती है, जो पक्के शिक्षकों की कमी को पूरा करते हैं। वहीं, सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए सुर्खियों में आए युवाओं के संगठन CJP ने बीते 6 जून को जंतर-मंतर पर देशव्यापी प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की गई थी। इसी आंदोलन की आंच अब रोहतक के सरकारी स्कूल तक पहुंच गई है।