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सिरसा में नार्कोटिक्स सेल का बड़ा एक्शन: 1 करोड़ की हेरोइन के साथ पंजाब के 3 तस्कर गिरफ्तार

Mar 12, 2026 12:41 PM

सिरसा। सीमावर्ती जिलों में नशे के सौदागरों के खिलाफ सिरसा पुलिस ने एक बार फिर अपना कड़ा शिकंजा कस दिया है। डबवाली पुलिस की विशेष टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशनों में 1 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक कीमत की हेरोइन और अफीम बरामद करने में कामयाबी हासिल की है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने पंजाब के तीन मुख्य सप्लायरों समेत कुल चार नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।

भारतमाला रोड पर बिछाया जाल: करोड़ों की हेरोइन जब्त

कालांवाली के डीएसपी संदीप धनखड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह सफलता सीआईए स्टाफ कालांवाली और एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) डबवाली की संयुक्त तत्परता का नतीजा है।

पहली बड़ी कार्रवाई भारतमाला पुल के पास हुई। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि पंजाब के तीन नामी तस्कर—जगमीत सिंह, भगवान सिंह और मलकीत सिंह—एक कार में सवार होकर हेरोइन की बड़ी खेप खपाने के लिए सिरसा की सीमा में दाखिल हो रहे हैं। सूचना मिलते ही एएसआई दिलावर सिंह की टीम ने नाकाबंदी कर दी। बठिंडा की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार ने जैसे ही पुलिस को देखा, चालक ने घबराहट में उसे मोड़ने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी बंद हो गई। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर कार की तलाशी ली, तो उसमें से 503 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है।

ट्रेन से अफीम लेकर पहुंचा था 'कूरियर', फाटक पर धरा गया

दूसरी कार्रवाई में डबवाली पुलिस ने एक अफीम तस्कर को दबोचा। पुलिस को सूचना मिली थी कि दीपा सिंह नामक शख्स कालांवाली इलाके में अफीम की सप्लाई के लिए ट्रेन से पहुंच रहा है।

तख्तमल फाटक पर मुस्तैद पुलिस टीम ने जब एक संदिग्ध युवक को अटैची के साथ देखा, तो वह पुलिस को देख भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे काबू किया और अटैची की तलाशी ली। चेकिंग के दौरान उसमें से 2 किलो 754 ग्राम अफीम बरामद हुई। आरोपी इसे बड़े मुनाफे पर स्थानीय छोटे नशा तस्करों को सप्लाई करने वाला था।

नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी: पुलिस रिमांड पर आरोपी

पकड़े गए चारों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिया है। डीएसपी संदीप धनखड़ ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल इन 'पैडलर्स' को पकड़ना नहीं है, बल्कि उस 'किंगपिन' तक पहुंचना है जो पंजाब और अन्य राज्यों से इस नशे की सप्लाई चेन को नियंत्रित कर रहा है।

"नशा तस्करों के खिलाफ हमारा अभियान 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चल रहा है। रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी कि वे यह नशा कहां से लाए थे और सिरसा में किन-किन ठिकानों पर इसकी डिलीवरी होनी थी।"

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